नंदन यादव एनकाउंटर पर CM सम्राट चौधरी का बयान
Jamui Nandan Yadav Encounter: जमुई में छात्रा से कथित बदसलूकी के मुख्य आरोपी नंदन यादव के पुलिस एनकाउंटर के बाद बिहार में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश दिया। पटना के ऊर्जा ऑडिटोरियम में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वह जाति और धर्म के पीछे नहीं पड़ते। उनके अनुसार, अपराधी की कोई जाति नहीं होती और पुलिस को चुनौती देने वाले अपराधियों के खिलाफ पुलिस जवाबी कार्रवाई करेगी। सम्राट चौधरी ने कहा, “अपराधी, अपराधी होता है और उसका कोई जात नहीं होता है। हमारी पुलिस को जब भी कोई अपराधी चैलेंज करेगा तो मेरी पुलिस जरूर जवाब देगी और पीछे नहीं हटेगी।”
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पीएम सूर्य घर योजना के कार्यक्रम में दिया बयान
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने यह बयान पटना के ऊर्जा ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दिया। कार्यक्रम में दोनों उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और विजय यादव भी मौजूद थे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत 25 हजार लाभार्थियों को सब्सिडी प्रदान की गई। सोलर पैनल लगाने वाले लाभार्थियों को योजना के तहत करीब 98 हजार रुपये तक का लाभ मिलने की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने जमुई एनकाउंटर का जिक्र करते हुए अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को लेकर सरकार का रुख स्पष्ट किया।
पहले भी अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कहते रहे हैं CM
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पहले भी कई मौकों पर अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कह चुके हैं। उन्होंने अपराधियों को बिहार छोड़ने की चेतावनी देने और राज्य में कानून व्यवस्था मजबूत करने का संदेश दिया है। सरकार की ओर से पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने और अपराध नियंत्रण पर जोर देने की बात भी कही जाती रही है। जमुई मामले में पुलिस की कार्रवाई के बाद मुख्यमंत्री का ताजा बयान इसी रुख के अनुरूप माना जा रहा है। हालांकि, एनकाउंटर की परिस्थितियों और पुलिस कार्रवाई से जुड़े सभी तथ्यों की विस्तृत आधिकारिक जानकारी अलग से सामने आना बाकी है।
19 सितंबर को सामने आई थी छात्रा से बदसलूकी की घटना
जमुई जिले के मड़वा पहाड़ी इलाके में 19 सितंबर की शाम 10वीं कक्षा की छात्रा और उसके साथी के साथ कथित बदसलूकी की घटना हुई थी। बताया गया कि दोनों कोचिंग से लौट रहे थे, तभी कुछ युवकों ने उन्हें घेर लिया। आरोप है कि छात्र के साथ मारपीट की गई और छात्रा को घसीटते हुए उसके साथ अश्लील हरकत की गई। घटना का वीडियो भी बनाया गया, जो बाद में सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने व्यापक रूप से लोगों का ध्यान खींचा और पुलिस पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का दबाव बढ़ा।
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
घटना से जुड़ा वीडियो 21 सितंबर को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसके बाद पुलिस ने पीड़ितों का बयान दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्हें नाबालिग बताया गया है। मामले की जांच के लिए एसडीपीओ दीप्ति मोनाली के नेतृत्व में विशेष जांच टीम यानी SIT का गठन किया गया है। पुलिस ने कुल सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। मुख्य आरोपी बताए जा रहे नंदन यादव के साथ मुठभेड़ में घायल होने और गिरफ्तारी की खबर 22 सितंबर को सामने आई।
एनकाउंटर के बाद राजनीतिक बहस तेज
नंदन यादव के एनकाउंटर के बाद बिहार में कानून व्यवस्था, पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक जिम्मेदारी को लेकर बहस तेज हो गई है। सत्ता पक्ष की ओर से कार्रवाई को अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख के रूप में पेश किया जा रहा है, जबकि विपक्षी नेताओं ने घटना और सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि सरकार अपराधियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगी। वहीं, मामले की पूरी तस्वीर पुलिस जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।






















