झारखंड भाजपा के नए प्रभारी बने गजेंद्र पटेल
Jharkhand BJP Incharge: भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने बुधवार को कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नए प्रभारी और सह प्रभारियों की नियुक्ति की घोषणा की। इस सूची में झारखंड की संगठनात्मक जिम्मेदारी मध्य प्रदेश के वरिष्ठ आदिवासी नेता और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री गजेंद्र सिंह पटेल को सौंपी गई है। गजेंद्र पटेल के साथ सौरभ सिंह, निवेदिता सिंह और कुलजीत चहल को झारखंड का सह प्रभारी बनाया गया है। भाजपा के इस संगठनात्मक फेरबदल का उद्देश्य राज्यों में पार्टी की गतिविधियों, कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय और संगठन को मजबूत करना बताया जा रहा है।
Highlights:
बड़वानी जिले से आते हैं गजेंद्र सिंह पटेल
गजेंद्र सिंह पटेल का जन्म 16 फरवरी 1975 को मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में हुआ था। उनके पिता का नाम उमराव सिंह पटेल और माता का नाम सुशीला बाई पटेल है। उन्होंने बीए और एलएलबी की शिक्षा हासिल की है। गजेंद्र पटेल पेशे से कृषि क्षेत्र से जुड़े रहे हैं। उनकी पत्नी का नाम बसंती पटेल है और उनके दो पुत्र हैं। मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल क्षेत्र से आने के कारण पार्टी संगठन में उनकी पहचान आदिवासी नेतृत्व के रूप में भी बनी है।
संघ और विद्यार्थी परिषद से शुरू हुआ सफर
गजेंद्र पटेल का राजनीतिक सफर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा से शुरू हुआ। बचपन से ही वे संघ की गतिविधियों से जुड़े रहे। वर्ष 1990 में उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के माध्यम से संगठनात्मक कार्यों में सक्रिय भागीदारी शुरू की। इसके बाद उन्होंने भाजपा युवा मोर्चा, वनवासी कल्याण परिषद और भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं। लंबे संगठनात्मक अनुभव के कारण पार्टी में उनकी भूमिका लगातार बढ़ती गई।
भाजपा संगठन में संभाली कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां
गजेंद्र पटेल वर्ष 2017 में मध्य प्रदेश भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बने। इसके बाद उन्होंने मध्य प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष के रूप में भी काम किया। वर्ष 2021-22 के दौरान वे भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री रहे। इस दौरान आदिवासी क्षेत्रों में संगठन के विस्तार और पार्टी की गतिविधियों को आगे बढ़ाने में उनकी भूमिका रही।
खरगोन से लगातार दूसरी बार सांसद चुने गए
भाजपा ने वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में गजेंद्र पटेल को मध्य प्रदेश की खरगोन लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया था। यह सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है। चुनाव में जीत दर्ज कर वे पहली बार लोकसभा पहुंचे। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने खरगोन सीट से लगातार दूसरी बार जीत हासिल की और 18वीं लोकसभा के सदस्य बने। इससे पहले वे भगवानपुरा विधानसभा क्षेत्र से विधायक भी रह चुके हैं।
संसद में उठाते रहे क्षेत्रीय मुद्दे
उपलब्ध संसदीय रिकॉर्ड के अनुसार, 13 अगस्त 2026 तक गजेंद्र पटेल की संसद में उपस्थिति करीब 97 प्रतिशत रही। उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र से जुड़े कई मुद्दे सदन में उठाए। इनमें रेल कनेक्टिविटी, खंडवा-अलीराजपुर-खरगोन रेल परियोजना, मोबाइल नेटवर्क, पीएम किसान योजना, आदिवासी क्षेत्रों में मेडिकल कॉलेज, सिकल सेल एनीमिया, टीबी नियंत्रण, जैविक खेती, शिक्षा और सड़क जैसी सुविधाएं शामिल हैं। वर्ष 2026 में उन्होंने बड़वानी में पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने की मांग भी रखी।
राष्ट्रीय महामंत्री बनने के बाद मिली नई जिम्मेदारी
17 अगस्त 2026 को भाजपा ने अपनी नई राष्ट्रीय टीम की घोषणा की थी। इसमें गजेंद्र सिंह पटेल को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया। इसके बाद उनकी संगठनात्मक भूमिका राष्ट्रीय स्तर पर और महत्वपूर्ण हो गई। अब झारखंड का प्रभारी बनाए जाने के बाद उन्हें राज्य में पार्टी संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय बनाने और केंद्रीय नेतृत्व की योजनाओं को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी निभानी होगी।
झारखंड में गजेंद्र पटेल के साथ तीन सह प्रभारी
भाजपा की ओर से जारी सूची के अनुसार, झारखंड में गजेंद्र पटेल के साथ सौरभ सिंह, निवेदिता सिंह और कुलजीत चहल सह प्रभारी के रूप में काम करेंगे। पार्टी के इस निर्णय को झारखंड में संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, नई टीम की प्राथमिकताएं और आगे की रणनीति आने वाले समय में स्पष्ट होगी।






















