Nirsa No Work No Pay Protest: इसीएल मुगमा एरिया अंतर्गत चापापुर टू ओसीपी में एसटीडी कंपनी के चालक-मजदूरों का विरोध प्रदर्शन गुरुवार को और तेज हो गया। कंपनी प्रबंधन की ओर से कथित तौर पर लागू किए गए ‘नो वर्क नो पे’ के फैसले के विरोध में भारी वाहनों के चालकों और मजदूरों ने कामकाज के साथ-साथ ट्रांसपोर्टिंग भी पूरी तरह ठप कर दी। आंदोलन के कारण कंपनी परिसर में वाहनों का परिचालन बंद रहा। वहीं, प्रबंधन और आंदोलनरत मजदूरों के बीच गतिरोध की स्थिति बनी हुई है।
Highlights:
19 सितंबर से ‘नो वर्क नो पे’ लागू होने का दावा

चालकों और मजदूरों के अनुसार, कंपनी प्रबंधन ने 19 सितंबर से ‘नो वर्क नो पे’ व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। इस फैसले के बाद कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ गई। आंदोलनरत मजदूरों का कहना है कि इस व्यवस्था से उनके वेतन और रोजगार पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इसी के विरोध में उन्होंने वाहनों का परिचालन रोक दिया और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू किया।
सात आंदोलनकारियों के खिलाफ थाने में शिकायत

मामला उस समय और गंभीर हो गया, जब कंपनी प्रबंधन की ओर से आंदोलन में शामिल सात लोगों के खिलाफ निरसा थाना में लिखित शिकायत दिए जाने की बात सामने आई। शिकायत की जानकारी मिलने के बाद आंदोलनरत चालकों और मजदूरों में असंतोष और बढ़ गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाने पर उनके खिलाफ शिकायत करना उचित नहीं है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों और पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई की विस्तृत जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।
पुलिस और सुरक्षा बलों की मौजूदगी में काम शुरू कराने का प्रयास
गुरुवार को निरसा थाना पुलिस, इसीएल सिक्योरिटी और सीआईएसएफ की मौजूदगी में कंपनी का कामकाज तथा ट्रांसपोर्टिंग दोबारा शुरू कराने का प्रयास किया गया। लेकिन आंदोलनरत चालकों और मजदूरों ने इसका विरोध कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों और समस्याओं पर बातचीत नहीं होती, तब तक काम शुरू कराना उचित नहीं होगा।
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मांगों के समाधान तक आंदोलन जारी रखने के संकेत
आंदोलनरत कर्मचारियों का कहना है कि प्रबंधन को पहले उनकी समस्याएं सुननी चाहिए और ‘नो वर्क नो पे’ व्यवस्था को लेकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उनका आरोप है कि बिना समाधान के काम शुरू कराने का प्रयास दबाव बनाने जैसा है। वहीं, कंपनी प्रबंधन की ओर से इस पूरे विवाद पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिलहाल चापापुर टू ओसीपी में कामकाज और ट्रांसपोर्टिंग बंद है। अब सभी की नजर प्रबंधन और मजदूर प्रतिनिधियों के बीच होने वाली संभावित बातचीत पर है। बातचीत के जरिए समाधान निकलता है या आंदोलन आगे भी जारी रहता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।






















