IIT Kanpur Free Coaching Jharkhand, रांची: झारखंड सरकार के कल्याण विभाग द्वारा संचालित आवासीय विद्यालयों के कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को अब आईआईटी कानपुर की ऑनलाइन कोचिंग का लाभ मिल सकेगा। इसके तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्ग के करीब 10 हजार छात्र-छात्राओं को बिना किसी शुल्क के पढ़ाई करायी जायेगी। योजना के तहत छात्रों को बोर्ड परीक्षाओं के साथ-साथ JEE और NEET जैसी प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी भी करायी जायेगी। इसके लिए आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञ शिक्षक सहयोग करेंगे।
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दिसंबर तक IIT कानपुर और कल्याण विभाग के बीच हो सकता है MoU
कल्याण विभाग के इस प्रस्ताव पर आईआईटी कानपुर की ओर से सकारात्मक जवाब मिला है। दिसंबर तक कल्याण विभाग और आईआईटी कानपुर के बीच इस संबंध में MoU होने की उम्मीद है। इसके तहत आईआईटी कानपुर द्वारा विकसित डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म SATHI (Self Assessment Test and Help for Entrance Exams) के माध्यम से छात्रों को कोचिंग दी जायेगी। कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को स्कूल या छात्रावास परिसर में ही मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने की योजना है।
कक्षा 9-10 के छात्रों को बोर्ड और फाउंडेशन की तैयारी
योजना के तहत कक्षा 9 और 10 के छात्रों को बोर्ड परीक्षा की तैयारी करायी जायेगी। साथ ही उन्हें आगे की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए फाउंडेशन कोर्स भी कराया जायेगा। वहीं कक्षा 11वीं और 12वीं के छात्रों को इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करायी जायेगी। इसके लिए आवासीय विद्यालयों और प्लस टू स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, इंटरनेट कनेक्टिविटी और डिजिटल डिस्प्ले स्क्रीन की व्यवस्था मजबूत की जायेगी। छात्रों के लिए मुख्य रूप से फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथमेटिक्स और बायोलॉजी की कक्षाएं आयोजित होंगी।

लाइव क्लास, वीडियो लेक्चर और डाउट क्लियरिंग की सुविधा
ऑनलाइन कक्षाएं सोमवार से शुक्रवार तक आयोजित करने की योजना है। इंजीनियरिंग की तैयारी करने वाले छात्रों को गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान और अंग्रेजी की तैयारी करायी जायेगी। NEET की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए जीवविज्ञान, वनस्पति विज्ञान, भौतिकी, रसायन विज्ञान और अंग्रेजी की कक्षाएं होंगी। छात्रों को आईआईटी के प्रोफेसरों, पूर्व छात्रों और विशेषज्ञों द्वारा तैयार विषय-वस्तु, वीडियो लेक्चर, मॉक टेस्ट और डाउट-क्लियरिंग सेशन उपलब्ध कराये जायेंगे। इसके अलावा लाइव क्लास और संस्थान के वर्तमान छात्रों के लेक्चर भी उपलब्ध होंगे।
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ग्रामीण और गरीब छात्रों को मिलेगा फायदा
इस पहल का उद्देश्य सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब और जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर उपलब्ध कराना है। योजना के माध्यम से ऐसे छात्रों को रांची या कोटा जैसे शहरों में जाकर महंगी कोचिंग लेने की जरूरत कम हो सकती है। उन्हें स्कूल या छात्रावास परिसर में ही विशेषज्ञों से मार्गदर्शन मिलने का अवसर मिलेगा। साथ ही, योजना से प्रवेश परीक्षाओं में ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के छात्रों की तैयारी बेहतर करने और 9वीं या 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।






















