Bhagwant Mann CBI Raid: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के कैंप ऑफिस और उनके OSD राजबीर सिंह घुम्मन के चंडीगढ़ स्थित आवास पर मंगलवार को CBI ने छापेमारी की। यह कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश के एक दिन बाद हुई, जिसमें मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच CBI को सौंपते हुए केस दर्ज करने का निर्देश दिया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, राजबीर सिंह घुम्मन के घर पर CBI की कार्रवाई शाम करीब 6:15 बजे शुरू हुई। मौके पर CBI के 50 से ज्यादा अधिकारी और CRPF के जवान मौजूद रहे। CBI ने मुख्यमंत्री के OSD राजबीर सिंह घुम्मन समेत पांच अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है।
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भगवंत मान ने BJP पर लगाए राजनीतिक आरोप
CBI की कार्रवाई के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया के जरिए प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP पंजाब में चुनाव की तैयारी कर रही है और उन्हें तथा पंजाब सरकार को बदनाम करने के लिए ED और CBI का इस्तेमाल किया जा रहा है। मान ने यह भी कहा कि पंजाब की जनता से मिल रहे समर्थन से BJP परेशान है। ये मुख्यमंत्री भगवंत मान के राजनीतिक आरोप हैं।
क्या है भ्रष्टाचार से जुड़ा पूरा मामला?
मामला ED की ओर से पंजाब के DGP को भेजे गए उन पत्रों से जुड़ा है, जिनमें राज्य सरकार में कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे। ED ने मुख्यमंत्री के OSD राजबीर सिंह घुम्मन समेत कुछ लोगों की भूमिका पर सवाल उठाए थे। आरोपों में सरकारी तबादलों, गोपनीय दस्तावेजों तक कथित पहुंच, आर्म्स लाइसेंस दिलाने और अन्य सरकारी कामों में कथित हस्तक्षेप जैसी बातें शामिल हैं। हालांकि, ये आरोप फिलहाल जांच के दायरे में हैं। इन्हें किसी अदालत द्वारा दोष सिद्ध होने के रूप में तय नहीं किया गया है।
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हाईकोर्ट ने CBI जांच का क्यों दिया आदेश?
वकील निखिल सराफ की PIL पर सुनवाई करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की पीठ ने सोमवार को CBI को आपराधिक मामला दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने कहा कि ED की ओर से उपलब्ध कराई गई सामग्री में संज्ञेय अपराध के संकेत हैं। अदालत के मुताबिक, मामले में केवल प्रारंभिक जांच जारी रखना पर्याप्त नहीं है। हाईकोर्ट ने CBI को दो महीने के भीतर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।
पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का खटखटाया दरवाजा
हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने इस चुनौती पर सुनवाई के लिए मामला सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई। हालांकि, तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मामले को बुधवार या गुरुवार को सुनने की बात कही। ED के मुताबिक, नितिन गोहल नाम का व्यक्ति सरकारी कामों में फायदा चाहने वाले लोगों और OSD राजबीर घुम्मन के बीच कथित बिचौलिये के तौर पर काम करता था। एजेंसी ने सरकारी तबादलों और अन्य सुविधाओं के लिए लोगों को मदद दिलाने वाले कथित नेटवर्क का भी आरोप लगाया है। ED की ये बातें पंजाब के DGP को भेजे गए उसके पत्रों में सामने आई थीं। वहीं, राजबीर घुम्मन और उनके सहयोगी पहले इन आरोपों को निराधार बता चुके हैं।






















