Jitan Ram Manjhi Statement: दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवामी मोर्चा (HAM) के प्रमुख जीतनराम मांझी ने प्रदर्शनकारियों पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की तुलना शेर से की। वहीं, बिहार सरकार में मंत्री रामकृपाल यादव और संतोष सुमन ने भी आंदोलन तथा विपक्ष की राजनीति पर सवाल उठाए हैं।
Highlights:
CJP आंदोलन पर जीतनराम मांझी का बयान
जीतनराम मांझी ने शनिवार शाम सोशल मीडिया पर पोस्ट कर CJP के प्रदर्शन को लेकर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कॉकरोच और झींगुर का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे निपटना उन्हें अच्छी तरह आता है। मांझी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को शेर बताते हुए कहा कि भारत माता ने ऐसे नेता पैदा किए हैं, जो कॉकरोचों और झींगुरों से नहीं डरते। उन्होंने अपने संदेश में ‘भारत माता की जय’, ‘संविधान जिंदाबाद’ और ‘लोकतंत्र जिंदाबाद’ के नारे भी लगाए। मांझी केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री हैं। उनके बयान को दिल्ली में चल रहे CJP आंदोलन से जोड़कर देखा जा रहा है।
SIR के विरोध में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन
CJP ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया था। प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने की जानकारी सामने आई। संगठन के संयोजक अभिजीत दीपके समेत कई नेताओं और प्रदर्शनकारियों को पुलिस हिरासत में लिए जाने की बात कही गई है। प्रदर्शन के दौरान ट्रेनों और मेट्रो सेवाओं पर असर पड़ने के दावे भी किए गए। हालांकि, सेवाएं रद्द होने या बंद किए जाने संबंधी इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
रामकृपाल यादव ने भी प्रदर्शन पर उठाए सवाल
बिहार सरकार में मंत्री रामकृपाल यादव ने CJP के आंदोलन की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी किसी विशेष मुद्दे के समाधान के बजाय अपनी राजनीतिक पहचान और महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा और NDA से जुड़े नेताओं ने आंदोलन की मंशा पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, CJP ने SIR प्रक्रिया के विरोध में अपना पक्ष रखने के लिए प्रदर्शन का ऐलान किया था।
संतोष सुमन ने राहुल गांधी की राजनीति पर उठाए सवाल
HAM के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार सरकार में मंत्री संतोष सुमन ने भी विपक्ष की राजनीति पर टिप्पणी की। उन्होंने SIR के विरोध, निर्वाचन आयोग पर उठाए जा रहे सवालों और राहुल गांधी के राजनीतिक रुख का उल्लेख करते हुए इन घटनाओं के पीछे की परिस्थितियों की जांच की जरूरत बताई। संतोष सुमन ने आशंका जताई कि विदेशी ताकतें भारत में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने और देश की आर्थिक मजबूती को कमजोर करने की कोशिश कर सकती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का इस्तेमाल इसके लिए किया जा रहा है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। हालांकि, विदेशी ताकतों और राहुल गांधी के बीच कथित संबंधों को लेकर लगाए गए आरोपों के समर्थन में उपलब्ध सामग्री में कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है। इसलिए इन बयानों को आरोप और राजनीतिक आशंका के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
दिल्ली के आंदोलन पर बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी
CJP के प्रदर्शन के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष से जुड़े नेताओं के बीच बयानबाजी तेज होती दिखाई दे रही है। एक ओर संगठन SIR प्रक्रिया को लेकर अपना विरोध दर्ज करा रहा है, वहीं NDA के नेताओं ने आंदोलन की मंशा पर सवाल उठाए हैं। इस पूरे घटनाक्रम में प्रदर्शन से जुड़े दावों, पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक आरोपों की पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से किया जाना जरूरी है।






















