IIIT Ranchi Student Death: ट्रिपल आईटी रांची के हॉस्टल में प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य (20) की मौत के बाद संस्थान की आपातकालीन व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। बिहार के पूर्णिया जिले के रहने वाले आदित्य का शव शनिवार रात खेलगांव हाउसिंग स्थित हॉस्टल के कमरे में मिला। घटना के बाद विद्यार्थियों ने विरोध-प्रदर्शन करते हुए संस्थान के निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव के इस्तीफे की मांग की। छात्र के पिता विष्णुदेव कुमार राय ने खेलगांव थाना में प्राथमिकी दर्ज कराकर संस्थान के निदेशक और प्रबंधन के अन्य कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। परिवार और विद्यार्थियों ने आरोप लगाया है कि आपात स्थिति के दौरान लिफ्ट, एंबुलेंस और चिकित्सा सहायता की व्यवस्था में कमियां थीं। इन आरोपों की जांच के नतीजे सामने आना बाकी हैं।
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हॉस्टल के कमरे में मिला प्रथम वर्ष के छात्र का शव
आदित्य ट्रिपल आईटी रांची में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE) शाखा के प्रथम वर्ष का छात्र था। वह हॉस्टल के ब्लॉक-1 की पांचवीं मंजिल पर कमरा नंबर 504 बी में रहता था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार रात खाना खाने के बाद वह अपने कमरे में चला गया। कुछ समय बाद बिजली चली गई। रूममेट सक्षम वाहर ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद आसपास के विद्यार्थियों ने दरवाजा तोड़ा। कमरे के अंदर आदित्य गमछे के सहारे पंखे से लटका मिला। घटना के बाद साथी विद्यार्थियों ने उसे नीचे ले जाने और अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की। अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
लिफ्ट और एंबुलेंस की व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद विद्यार्थियों और परिजनों ने हॉस्टल की आपातकालीन सुविधाओं पर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि बिजली कटने के दौरान लिफ्ट बंद थी और छात्र को पांचवीं मंजिल से सीढ़ियों के सहारे नीचे लाना पड़ा। परिवार की ओर से दर्ज प्राथमिकी में यह भी आरोप लगाया गया है कि परिसर में खड़ी एंबुलेंस के लिए उस समय ड्राइवर उपलब्ध नहीं था और उसमें ऑक्सीजन सिलिंडर की व्यवस्था भी नहीं थी। हॉस्टल में मेडिकल स्टाफ की अनुपस्थिति और प्राथमिक उपचार में कथित देरी को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। इन आरोपों के बीच संस्थान के प्रबंधन की ओर से कहा गया है कि मामले की जांच कराई जाएगी। आपातकालीन सुविधाओं में किसी तरह की कमी थी या नहीं, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पिता ने निदेशक और प्रबंधन के खिलाफ दर्ज कराई FIR
आदित्य के पिता विष्णुदेव कुमार राय पटना पुलिस के कंट्रोल रूम में दारोगा के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने रविवार को खेलगांव थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई। पिता ने संस्थान के निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव और प्रबंधन के अन्य कर्मचारियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि हॉस्टल में बड़ी संख्या में विद्यार्थी रहते हैं, लेकिन आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए जरूरी व्यवस्थाओं और निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। पिता ने यह भी बताया कि घटना से कुछ समय पहले उनकी बेटे से वीडियो कॉल पर बात हुई थी। बातचीत के दौरान आदित्य ने हॉस्टल की कुछ असुविधाओं और परीक्षा से जुड़ी बातों का उल्लेख किया था। इसके बाद उसने खाना खाकर सोने जाने की बात कही थी।
सड़क जाम कर प्रदर्शन, निदेशक के इस्तीफे की मांग
छात्र की मौत की खबर फैलने के बाद हॉस्टल के विद्यार्थियों में नाराजगी फैल गई। रविवार सुबह करीब 10:30 बजे विद्यार्थियों ने खेलगांव हाउसिंग सोसाइटी के बाहर टाटीसिल्वे-खेलगांव मुख्य मार्ग पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने निदेशक के इस्तीफे की मांग उठाई। उन्होंने हॉस्टल की चिकित्सा सुविधाओं, एंबुलेंस की उपलब्धता और आपातकालीन स्थिति में त्वरित सहायता की व्यवस्था पर सवाल किए।सूचना मिलने पर खेलगांव थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति संभालने का प्रयास किया। विद्यार्थियों की मांग है कि घटना की निष्पक्ष जांच हो और जिम्मेदारी तय कर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
निदेशक ने जांच का दिया भरोसा, NHRC ने लिया संज्ञान
रविवार दोपहर करीब एक बजे संस्थान के निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि जहां भी अनियमितता सामने आएगी, उसकी जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। एक समाचार रिपोर्ट के मुताबिक, निदेशक ने कहा कि प्रबंधन के लोग घटना के बाद से मौके पर मौजूद थे और छात्र को करीब 10 मिनट में अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने एंबुलेंस में ऑक्सीजन और अन्य जरूरी सामान की कमी की जानकारी होने से इनकार किया तथा मामले की जांच कराने की बात कही। इस बीच, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने भी मामले का संज्ञान लिया है। छात्र को समय पर चिकित्सा सहायता मिलने, संस्थान की व्यवस्थाओं और मौत की परिस्थितियों से जुड़े आरोपों की जांच की बात सामने आई है। आदित्य की मौत के बाद अब हॉस्टल की आपातकालीन व्यवस्था, चिकित्सा सहायता की उपलब्धता और संस्थान की जवाबदेही को लेकर जांच के निष्कर्षों पर नजर है।






















