Chirag Paswan Statement, पटना: केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने दिल्ली में चल रहे CJP प्रदर्शन को लेकर विपक्षी नेताओं पर निशाना साधा है। पटना पहुंचने के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन युवाओं की आड़ में शांति भंग करने की कोशिश उचित नहीं है। उन्होंने प्रदर्शन के कारण आम लोगों को होने वाली परेशानियों का भी मुद्दा उठाया। चिराग पासवान ने बिहार की कानून-व्यवस्था, विपक्ष की ओर से इस्तीफे की मांग और जेएनयू से जुड़े विवाद पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कांग्रेस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पार्टी की चुप्पी की आलोचना की।
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CJP प्रदर्शन को लेकर विपक्ष पर साधा निशाना
चिराग पासवान ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण प्रदर्शन और अपनी बात रखने की स्वतंत्रता सभी को है। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं को आगे करके शांति व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। केंद्रीय मंत्री के अनुसार, दिल्ली में पिछले तीन दिनों से कांग्रेस की ओर से किए जा रहे प्रदर्शन के कारण आम नागरिकों को परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन आयोजित करने वाले नेताओं को जनता की सुविधा और रोजमर्रा की आवाजाही का भी ध्यान रखना चाहिए।
इस्तीफे की मांग पर चिराग ने दिया जवाब
बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों और इस्तीफे की मांग पर चिराग पासवान ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि केवल पद छोड़ देने से सभी समस्याएं समाप्त हो जातीं, तो वह पहले ही इस्तीफा दे चुके होते। चिराग ने कहा कि उन पर और उनकी पार्टी पर अक्सर यह सवाल उठाया जाता है कि सरकार में रहते हुए भी वे मुद्दों पर आवाज क्यों उठाते हैं। उन्होंने अपनी भूमिका की तुलना चौकीदार से करते हुए कहा कि वह सरकार में रहते हुए भी बिहार की जनसमस्याओं के समाधान के लिए आवाज उठाते रहेंगे।
बिहार की जनसमस्याओं पर आवाज उठाने की बात
चिराग पासवान ने स्पष्ट किया कि सरकार में शामिल होने के बावजूद जनहित के मुद्दों पर सवाल उठाना जरूरी है। उनके मुताबिक, जनता से जुड़े मुद्दों को उठाना और समस्याओं के समाधान की मांग करना उनकी राजनीतिक भूमिका का हिस्सा है। उनके इस बयान को बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर जारी राजनीतिक बहस के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, राज्य की स्थिति को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों के अपने-अपने तर्क हैं।
JNU विवाद पर कांग्रेस की चुप्पी की आलोचना
जेएनयू से जुड़े मामले में कांग्रेस सांसद और एक प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई के मुद्दे पर भी चिराग पासवान ने कांग्रेस की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस संवेदनशील मामले में कांग्रेस का मौन रहना चिंताजनक है।चिराग ने कहा कि जिस पार्टी ने देश को पहली महिला प्रधानमंत्री दी, उसका नवरात्र के समय ऐसे मुद्दे पर चुप रहना शर्मनाक है। यह टिप्पणी कांग्रेस के रुख को लेकर उनकी राजनीतिक आलोचना का हिस्सा रही।
तीन मुद्दों पर चिराग पासवान का बयान चर्चा में
पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान चिराग पासवान ने दिल्ली के प्रदर्शन, बिहार की कानून-व्यवस्था और जेएनयू विवाद पर अपनी राय रखी। उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार को स्वीकार करते हुए आम जनता की परेशानी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया। वहीं, बिहार में इस्तीफे की मांग पर उन्होंने सरकार में रहते हुए भी जनसमस्याओं के लिए आवाज उठाते रहने की बात कही। जेएनयू प्रकरण पर उन्होंने कांग्रेस की चुप्पी की आलोचना की।






















