Aurangabad Navratri Kalash Yatra: शारदीय नवरात्र के पहले दिन औरंगाबाद में भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक श्रद्धालुओं ने जलभरी और कलश शोभायात्रा निकाली। सैकड़ों श्रद्धालु माता रानी के जयकारे लगाते हुए यात्रा में शामिल हुए। अदरी और पुनपुन नदी से कलश में जल भरकर पूजा स्थलों तक पहुंचाया गया, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कलश स्थापना की गई। नवरात्र के शुभारंभ पर विभिन्न पूजा समितियों और गांवों में धार्मिक अनुष्ठान शुरू हुए। मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना कर श्रद्धालुओं ने जनकल्याण और सुख-समृद्धि की कामना की।
Highlights:
जिला मुख्यालय में निकली भव्य कलश शोभायात्रा
औरंगाबाद जिला मुख्यालय में काली क्लब, मां भारती क्लब और मां जगदंबे क्लब के सदस्यों एवं श्रद्धालुओं ने भव्य जलभरी शोभायात्रा निकाली। यात्रा शहर के विभिन्न हिस्सों से गुजरते हुए अदरी नदी के तट तक पहुंची। यहां श्रद्धालुओं ने कलश में जल भरा और माता रानी के जयकारे लगाते हुए अपने-अपने पूजा पंडालों की ओर रवाना हुए। पूजा स्थलों पर पहुंचने के बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से कलश स्थापना की गई।
मौआर खैरा सहित कई गांवों में निकली जलभरी यात्रा
नवरात्र के पहले दिन बारुण प्रखंड के मौआर खैरा, जोगिया, टेंगरा, सीरीस सहित दर्जनों गांवों में भी धार्मिक उत्साह देखने को मिला। ग्रामीण क्षेत्रों में श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से जलभरी शोभायात्रा निकाली। श्रद्धालु पुनपुन नदी पहुंचे और वहां से कलश में जल लेकर अपने-अपने पूजा स्थलों तक लौटे। इस दौरान माता रानी के जयकारों और भक्ति गीतों से माहौल भक्तिमय बना रहा। पूजा स्थलों पर पहुंचने के बाद वैदिक मंत्रों के साथ कलश स्थापित किए गए।
मां शैलपुत्री की पूजा के साथ शुरू हुए धार्मिक अनुष्ठान
शारदीय नवरात्र के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की प्रार्थना की। इसी के साथ विभिन्न पूजा स्थलों पर दुर्गा सप्तशती के संपुट पाठ का शुभारंभ हुआ। आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रों का उच्चारण किया गया। विशेष रूप से “सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके…” मंत्र की गूंज से पूजा स्थलों का वातावरण भक्तिमय बना रहा।
पूजा पंडालों में साफ-सफाई और शुद्धता पर जोर
नवरात्र के अवसर पर पूजा समितियों की ओर से धार्मिक अनुष्ठानों की तैयारियां की गई हैं। पूजा स्थलों पर साफ-सफाई और शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। श्रद्धालु पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना में भाग ले रहे हैं। पहले दिन की कलश स्थापना के साथ ही जिले में नौ दिनों तक चलने वाले शक्ति उपासना के पर्व की शुरुआत हो गई। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नवरात्र को लेकर उत्साह का माहौल है।

नवरात्र के आयोजन में दिखी सामाजिक सद्भाव की झलक
औरंगाबाद में नवरात्र के आयोजन के दौरान विभिन्न समुदायों के बीच आपसी सद्भाव की झलक भी देखने को मिली। खबर के अनुसार, हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों के बीच माता रानी के प्रति आस्था और आयोजन को लेकर सहभागिता दिखाई दी। भव्य कलश यात्राओं और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ औरंगाबाद में शारदीय नवरात्र की शुरुआत हुई। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा से सुख, शांति और जनकल्याण की कामना की।






















