MPSC Protest, पुणे: महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) में सुधार की मांग को लेकर पुणे में जारी उम्मीदवारों के प्रदर्शन के बीच राज्य सरकार ने अहम पहल की है। रविवार को आयोग में बड़े बदलावों पर विचार करने के लिए एक समिति गठित की गई। महाराष्ट्र सरकार ने एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंधे को समिति का सचिव नियुक्त किया है। राज्य के मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले ने बताया कि उन्होंने एसएम जोशी ब्रिज पर प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों से मुलाकात की। यहां पिछले दस दिनों से एमपीएससी में सुधार सहित विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन चल रहा है।
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MPSC में सुधार के लिए बनाई गई समिति
महाराष्ट्र सरकार ने एमपीएससी की व्यवस्था में सुधार के लिए समिति गठित की है। इसका उद्देश्य प्रदर्शनकारियों की मांगों और आयोग से जुड़े मुद्दों पर विचार करना है। एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंधे को समिति का सचिव बनाया गया है। सरकार की इस पहल को लंबे समय से चल रहे विरोध-प्रदर्शन के बीच महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
समिति में कौन-कौन हैं शामिल?
समिति में तुकाराम मुंधे के अलावा कई अन्य अधिकारियों और न्यायिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को शामिल किया गया है। इनमें पूर्व न्यायाधीश दिलीप भोसले, आईपीएस अधिकारी लक्ष्मी गौतम, पूर्व आईएएस अधिकारी गणेश पाटिल और सेवानिवृत्त न्यायाधीश पीडी नाइक शामिल हैं। समिति के सदस्य एमपीएससी में सुधार से संबंधित मुद्दों पर विचार करेंगे। हालांकि, समिति की सिफारिशों और उनके लागू होने की समयसीमा को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
प्रदर्शनकारियों की क्या हैं प्रमुख मांगें?
पुणे में आंदोलन कर रहे उम्मीदवार एमपीएससी में सुधार के साथ-साथ कई अन्य मांगें भी उठा रहे हैं। इनमें आंदोलन में शामिल कुछ लोगों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग शामिल है। इसके अलावा, प्रदर्शनकारी अगले तीन वर्षों में 70 हजार पदों पर भर्ती और जनवरी में प्रस्तावित ग्रुप सी परीक्षा में सीटों की संख्या बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले ने प्रदर्शनकारियों से की मुलाकात
मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले ने एसएम जोशी ब्रिज पर प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर उनकी मांगों पर चर्चा की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि एमपीएससी में सुधार के अलावा अन्य मुद्दों पर भी ध्यान दिया जाएगा। पिछले दस दिनों से जारी प्रदर्शन के बीच सरकार की समिति गठित करने की पहल पर उम्मीदवारों की आगे की प्रतिक्रिया और मांगों पर होने वाली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
भर्ती और परीक्षा सुधार पर टिकी उम्मीदवारों की नजर
एमपीएससी उम्मीदवारों की मांगों में भर्ती प्रक्रिया, परीक्षा में सीटों की संख्या और आंदोलन से जुड़े मामलों का समाधान प्रमुख है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि गठित समिति इन मुद्दों पर क्या सुझाव देती है और सरकार उन पर किस तरह आगे बढ़ती है। फिलहाल समिति के गठन को लेकर घोषणा की गई है, लेकिन भर्ती संबंधी मांगों पर अंतिम निर्णय और सुधार लागू करने की समयसीमा स्पष्ट नहीं है।






















