Dhanbad Home Guard Recruitment 2017: जिले में वर्ष 2017 की होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया के तहत सफल हुए 708 अभ्यर्थियों ने अब तक नियुक्ति पत्र नहीं मिलने का दावा किया है। अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से गुहार लगाते हुए भर्ती प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति स्पष्ट करने और नियुक्ति के संबंध में उचित कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि चयन से जुड़ी कई प्रक्रियाएं पूरी होने के बावजूद मामला वर्षों से लंबित है।
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विज्ञापन संख्या 01/2017 के तहत हुई थी भर्ती प्रक्रिया

अभ्यर्थियों की ओर से मुख्यमंत्री को सौंपे गए आवेदन के अनुसार, धनबाद जिला समादेष्टा कार्यालय ने गृह रक्षा वाहिनी में बहाली के लिए विज्ञापन संख्या 01/2017 जारी किया था। अभ्यर्थियों का दावा है कि इस प्रक्रिया के तहत 708 सफल उम्मीदवारों की सूची जारी की गई थी। लिखित परीक्षा में सफल होने के बाद मेडिकल जांच और संबंधित थाना स्तर पर सत्यापन की प्रक्रिया भी पूरी कराई गई थी।
प्रशिक्षण सूची जारी होने के बाद भी नियुक्ति का इंतजार
आवेदन में 19 सितंबर 2019 को प्रशिक्षण के लिए सूची जारी किए जाने का उल्लेख किया गया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि सूची जारी होने के बावजूद उन्हें प्रशिक्षण और सेवा में योगदान करने का अवसर नहीं मिला। उनके अनुसार, चयन प्रक्रिया से संबंधित कदम आगे बढ़ने के बाद भी नियुक्ति पत्र नहीं दिया गया।
बैंक खाते खुलवाने का भी किया गया दावा
अभ्यर्थियों के आवेदन के मुताबिक, सफल उम्मीदवारों के लिए हीरापुर स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में वेतन और पीपीएफ खाते भी खुलवाए गए थे। इससे उन्हें उम्मीद थी कि जल्द ही नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। हालांकि, अभ्यर्थियों का कहना है कि कई वर्ष बीत जाने के बाद भी उन्हें नियुक्ति पत्र नहीं मिला है। उन्होंने यह भी दावा किया है कि अन्य स्थानों पर सफल अभ्यर्थियों के प्रशिक्षण और योगदान की प्रक्रिया आगे बढ़ी, जबकि धनबाद के उम्मीदवारों का मामला लंबित रहा। इस दावे की आधिकारिक पुष्टि और संबंधित भर्ती रिकॉर्ड की समीक्षा जरूरी है।
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मुख्यमंत्री से नियुक्ति प्रक्रिया स्पष्ट करने की मांग
लंबे समय से इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और भर्ती से संबंधित रिकॉर्ड की समीक्षा करने की मांग की है। वे चाहते हैं कि सरकार यह स्पष्ट करे कि नियुक्ति प्रक्रिया में देरी की वजह क्या है और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी। अभ्यर्थियों के अनुसार, यदि नियुक्ति में कोई कानूनी या प्रशासनिक बाधा है, तो उसकी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। फिलहाल संबंधित विभाग और राज्य सरकार का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही भर्ती प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।






















