धनबाद (झरिया): राष्ट्रीय कोलियरी मज़दूर यूनियन की कार्यकारी अध्यक्ष और कांग्रेस नेता अनुपमा सिंह ने NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंता जता रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
Highlights:
परीक्षा प्रणाली को लेकर आरोप
एक प्रेस विज्ञप्ति में, अनुपमा सिंह ने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में 152 से ज़्यादा प्रतियोगी परीक्षाएं या तो रद्द कर दी गईं या उनकी शुचिता प्रभावित हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक, परीक्षा टलने और भर्ती प्रक्रियाओं में कथित गड़बड़ियों के कारण बड़ी संख्या में उम्मीदवारों का भविष्य बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।
छात्रों के विरोध-प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई पर सवाल
कांग्रेस नेता ने NEET उम्मीदवारों सहित विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा उठाई गई पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की मांग का समर्थन किया। उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों के ख़िलाफ़ पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग की और विरोध करने के लोकतांत्रिक अधिकार का सम्मान करने का आग्रह किया।
यह भी पढ़ें: Dhanbad Murder Case: सुमीत पासी हत्याकांड के 3 फरार आरोपियों पर कोर्ट का इश्तिहार, नहीं आए तो होगी कुर्की
केंद्र सरकार के सामने चार मुख्य मांगें
अनुपमा सिंह ने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार, पेपर लीक और कथित घोटालों में शामिल लोगों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई, छात्र विरोध-प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच और प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग की। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी छात्रों और युवाओं के हितों से जुड़े मुद्दों को उठाती रहेगी और उनके अधिकारों के लिए आवाज़ उठाती रहेगी।






















