पटना : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों में भाजपा ने बड़े दाव के साथ केंद्रीय शिक्षा मंत्री और पार्टी के कद्दावर नेता धर्मेंद्र प्रधान को चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है। पार्टी ने इसे रणनीतिक निर्णय माना है, क्योंकि बिहार की राजनीति में इस बार का मुकाबला न केवल सीटों का बल्कि छवि और पकड़ का भी है।
सह-प्रभारी बनाए गए दो दिग्गज नेता
प्रधान के साथ भाजपा ने दो दिग्गज नेताओं सीआर पाटिल और केशव प्रसाद मौर्य को सह-प्रभारी बनाया है। ये दोनों नेता पार्टी और संघ की विचारधारा में अपनी अलग पहचान रखते हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तिकड़ी की तैनाती भाजपा के चुनावी रणनीति को और धार देने वाली है।
243 सीटों पर मुकाबला
बिहार विधानसभा में कुल 243 सीटें हैं और इस बार मुख्य मुकाबला एडीए और इंडिया महागठबंधन के बीच है। एनडीए के नेतृत्व में सीएम नीतीश कुमार बिहार की सत्ता में हैं। वहीं, महागठबंधन राज्य में भाजपा और एनडीए को कड़ी चुनौती देने के लिए अपनी तैयारियों में जुटा है। जनता की उम्मीदें और विरोध दोनों ही पार्टियों के लिए चुनावी रणनीति तय करने में अहम हैं।
महागठबंधन की चाल पर कड़ा प्रहार करना मकसद
धर्मेंद्र प्रधान की तैनाती भाजपा के लिए किसी संकेत से कम नहीं। पार्टी का मकसद नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की पकड़ मजबूत करना और महागठबंधन की चाल पर कड़ा प्रहार करना है। आम जनता में भी इस बार का चुनाव चर्चा का विषय बन चुका है। लोग अपने मुद्दों और सवालों के साथ मतदान की ओर बढ़ रहे हैं।
चुनाव आयोग की तैयारी और संभावित तारीखें
चुनाव आयोग सूत्रों के मुताबिक, बिहार में 6 अक्टूबर 2025 के आसपास चुनाव की तारीखों का ऐलान किया जा सकता है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार राज्य का दौरा करेंगे। आयोग ने पहले से ही पूरे राज्य में ट्रांसफर और पोस्टिंग प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं।





















