निरसा/धनबाद: बिहार कोलियरी कामगार यूनियन (सीटू) के बैनर तले रविवार को निरसा स्थित ईसीएल मुगमा एरिया कार्यालय के मुख्य द्वार पर 10 सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू किया गया। यूनियन की ओर से विभिन्न मांगों को लेकर धरना भी दिया गया। आंदोलन का नेतृत्व निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने किया। अनशन के दौरान यूनियन की ओर से कोयला क्षेत्र से जुड़े कई मुद्दे उठाए गए। यूनियन नेताओं ने मांगों पर प्रबंधन से जल्द पहल करने की अपील की है।
Highlights:
10 सूत्री मांगों को लेकर शुरू हुआ आंदोलन
सीटू की ओर से जिन प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन शुरू किया गया है, उनमें JBCCI-12 का शीघ्र गठन, बंद पड़ी 29 नंबर खदान बैजना कोलियरी को चालू करना तथा कुमारधुबी और बराकर इंजीनियरिंग वर्कशॉप को फिर से शुरू करना शामिल है। इसके अलावा मजदूरों को उनके कार्य के अनुरूप पदनाम देने, डीजल चोरी पर रोक लगाने और चार लेबर कोड को वापस लेने समेत अन्य मांगें भी उठाई गई हैं। यूनियन का कहना है कि इन मांगों को लेकर लंबे समय से आवाज उठाई जा रही है। अब मांगों के समाधान के लिए अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू किया गया है।
दो मजदूर आमरण अनशन पर बैठे
आंदोलन के तहत यूनियन के दो सदस्य रामजी यादव और रंजन सिंह आमरण अनशन पर बैठे हैं। यूनियन की ओर से कहा गया कि मांगों पर सकारात्मक पहल होने तक आंदोलन जारी रहेगा। धरना स्थल पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने मजदूरों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए प्रबंधन से समाधान की दिशा में जल्द कदम उठाने की मांग की।
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विधायक अरूप चटर्जी ने प्रबंधन पर उठाए सवाल
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने मुगमा एरिया प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुगमा एरिया मैनेजर की लापरवाही और शिथिलता के कारण संबंधित कोलियरियों में उत्पादन प्रभावित हो रहा है। अरूप चटर्जी ने कहा कि मजदूरों की मांगों और कोयला क्षेत्र से जुड़े अन्य मुद्दों पर एरिया मैनेजर से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।

जल्द समाधान की मांग
विधायक ने कहा कि प्रबंधन को आंदोलनकारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने एरिया मैनेजर से सभी बिंदुओं पर जल्द पहल करने और समस्याओं का समाधान निकालने की मांग की। सीटू के इस आंदोलन के कारण मुगमा एरिया कार्यालय के बाहर मजदूरों और यूनियन समर्थकों की मौजूदगी रही। आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में धरना जारी रखा।























