झारखंड: शिबू सोरेन के निधन के बाद जहाँ एक ओर हेमंत सोरेन पुत्रधर्म निभा रहे हैं, वहीं राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में वे प्रशासनिक दायित्वों को भी पूरी गंभीरता से निभा रहे हैं।पारिवारिक दुःख के इस कठिन समय में भी उन्होंने अपने कर्तव्यों से मुख नहीं मोड़ा।
Highlights:
राजधर्म के प्रति संवेदनशीलता
राज्यहित से जुड़े मुद्दों पर उनकी सक्रियता बनी हुई है।फाइलों के निष्पादन से लेकर अधिकारियों के साथ संवाद और निर्देश देना, यह दर्शाता है कि शासन-प्रशासन की जिम्मेदारियों में कोई शिथिलता नहीं आई है।
जनता से मिला संबल
उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता की एकजुटता और समर्थन ने उन्हें इस कठिन समय में संबल दिया है।यही साथ उन्हें अपने पिता द्वारा सौंपे गए वादों को निभाने की प्रेरणा दे रहा है।
दिशोम गुरु की विरासत
शिबू सोरेन केवल एक नेता नहीं, बल्कि एक विचार, एक संघर्ष और झारखंड के अस्तित्व के प्रतीक थे।हेमंत सोरेन ने जिस भावुकता से कहा कि “अब उनका साया हमारे ऊपर से उठ चुका है”, वह यह दिखाता है कि वे अब खुद को जिम्मेदारियों के एक बड़े भार के साथ देख रहे हैं।






















