1.96 लाख कर्मियों के बोनस पर बैठक
Coal India PLR 2026: कोल इंडिया के करीब 1.96 लाख गैर-कार्यकारी कर्मचारियों के वर्ष 2026 के सालाना बोनस यानी प्रदर्शन आधारित पुरस्कार (PLR) को लेकर शुक्रवार को कोलकाता स्थित कोल इंडिया मुख्यालय में बैठक जारी है। सीआईएल एपेक्स जेसीसी की इस बैठक में प्रबंधन और केंद्रीय श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हैं। बैठक की शुरुआत सुबह 11.30 बजे कोल इंडिया चेयरमैन बी. साईराम की अध्यक्षता में हुई। शुरुआती सत्र में प्रबंधन की ओर से लेबर कोड, विशेष रूप से Occupational Safety, Health and Working Conditions (OSH) Code-2020 पर पावर प्रेजेंटेशन दिया गया। इसके बाद श्रमिक संगठनों और प्रबंधन के बीच विभिन्न मुद्दों पर चर्चा शुरू हुई।
Highlights:
OSH Code-2020 पर प्रबंधन ने दिया प्रेजेंटेशन
बैठक के पहले चरण में व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य परिस्थितियों से संबंधित OSH Code-2020 के प्रावधानों पर प्रस्तुति दी गई। इस दौरान कोड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। लंच ब्रेक के बाद करीब तीन बजे बैठक दोबारा शुरू हुई। दूसरे चरण में प्रबंधन और श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच विभिन्न श्रमिक मुद्दों पर बातचीत चल रही है। इसी बैठक में गैर-कार्यकारी कर्मचारियों के वर्ष 2026 के PLR को लेकर भी चर्चा होनी है। बैठक में प्रबंधन की ओर से निदेशक मार्केटिंग सह प्रभारी निदेशक मानव संसाधन मुकेश चौधरी और निदेशक वित्त मुकेश अग्रवाल मौजूद हैं। वहीं यूनियनों की ओर से केएल रेड्डी (बीएमएस), हरभजन सिंह सिद्धू (एचएमएस), डी.डी. रामानंदन (सीटू) और लखनलाल महतो (एटक) शामिल हैं।
1.96 लाख गैर-कार्यकारी कर्मियों के PLR का होना है निर्धारण
एक अप्रैल 2026 के आंकड़ों के अनुसार कोल इंडिया में कुल 1,96,753 गैर-कार्यकारी कर्मचारी कार्यरत हैं। इन्हीं कर्मचारियों के लिए वर्ष 2026 के PLR की राशि निर्धारित की जानी है। पिछले वर्ष गैर-कार्यकारी कर्मियों को 1.03 लाख रुपये का PLR मिला था। इस बार कर्मचारियों की नजर इस बात पर है कि 2026 के लिए PLR की राशि कितनी तय होती है। PLR के निर्धारण को लेकर प्रबंधन और श्रमिक संगठनों के बीच होने वाली बातचीत पर कोयला क्षेत्र के कर्मचारियों की विशेष नजर बनी हुई है।
छह साल में ₹34,500 बढ़ा PLR
कोल इंडिया के गैर-कार्यकारी कर्मचारियों के PLR में पिछले कुछ वर्षों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 2020 में PLR की राशि 68,500 रुपये थी, जो 2025 में बढ़कर 1,03,000 रुपये हो गई।
| वर्ष | PLR राशि |
|---|---|
| 2020 | ₹68,500 |
| 2021 | ₹72,500 |
| 2022 | ₹76,500 |
| 2023 | ₹85,000 |
| 2024 | ₹93,750 |
| 2025 | ₹1,03,000 |
इस तरह 2020 से 2025 के बीच PLR में कुल 34,500 रुपये की बढ़ोतरी हुई। अब 2026 के लिए निर्धारित होने वाली राशि पर कर्मचारियों की नजर है।
चार केंद्रीय यूनियनों के प्रतिनिधि बैठक में शामिल
इस बार की बैठक में बीएमएस, एचएमएस, एटक और सीटू के प्रतिनिधि शामिल हैं। पिछले वर्ष PLR निर्धारण की प्रक्रिया में पांच केंद्रीय श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे, जिसमें इंटक भी शामिल था। इस बार इंटक को बैठक में आमंत्रित नहीं किया गया है। संगठन की ओर से PLR वार्ता में अपने प्रतिनिधि को शामिल कराने की मांग की जा रही है।
इंटक की हाईकोर्ट याचिका की सुनवाई का इंतजार
PLR वार्ता में प्रतिनिधित्व की मांग को लेकर इंटक ने कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया है। संगठन की ओर से दायर याचिका शुक्रवार को भी सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हो सकी। ऐसे में PLR से जुड़ी बैठक में इंटक की भागीदारी को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। संगठन की नजर अब हाईकोर्ट में याचिका की लिस्टिंग और सुनवाई पर है।
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सेवानिवृत्त कर्मियों को भी PLR का लाभ
PLR के फैसले का लाभ निर्धारित नियमों के अनुसार पात्र सेवानिवृत्त कर्मियों को भी मिलेगा। जानकारी के अनुसार, 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच सेवानिवृत्त हुए करीब 8,351 कोलकर्मियों को भी PLR का लाभ मिलने की बात कही गई है। इसके अलावा सिंगरैनी कोलियरी कंपनी लिमिटेड (SCCL) के करीब 32 हजार कर्मचारियों के लिए भी PLR का प्रावधान है। फिलहाल कोलकाता में एपेक्स जेसीसी की बैठक जारी है। अब प्रबंधन और यूनियन प्रतिनिधियों के बीच होने वाली बातचीत के बाद 2026 के PLR की राशि को लेकर तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।






















