धनबाद: आज भाजपा द्वारा नगर निगम कार्यालय के बाहर आयोजित धरना-प्रदर्शन में नगर निगम चुनाव दलीय आधार पर कराने तथा पोस्टल बैलेट के स्थान पर ईवीएम से मतदान कराने की मांग पर कांग्रेस नेता अभिजीत राज ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस संबंध में जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि नगर निगम चुनाव से पहले ही भाजपा को अपनी हार साफ नजर आने लगी है।
अभिजीत राज ने कहा कि भाजपा द्वारा लगातार धरना-प्रदर्शन करना इस बात का प्रमाण है कि धनबाद में नगर निगम चुनाव में भाजपा की स्थिति बेहद कमजोर हो चुकी है और पार्टी बुरी तरह हार की आशंका से घबराई हुई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नगर निगम चुनाव दलीय आधार पर इसलिए कराना चाहती है ताकि एक बार फिर हिंदू-मुस्लिम के नाम पर मतदाताओं का ध्रुवीकरण कर डर और भ्रम फैलाकर वोट हासिल किया जा सके। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव दलीय आधार पर नहीं होंगे तो स्वतंत्र प्रत्याशी जनता के समर्थन और अपने कार्यों के दम पर चुनाव मैदान में उतरेंगे और उनकी जीत सुनिश्चित होगी।
ईवीएम के मुद्दे पर कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा को बैलेट पेपर से चुनाव कराने से डर लगता है। भाजपा ईवीएम से इसलिए चुनाव कराना चाहती है ताकि वोटों की हेराफेरी आसानी से की जा सके। बैलेट पेपर से चुनाव होने का अर्थ है कि धनबाद की जनता के वोट का वास्तविक महत्व सामने आएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अब तक ईवीएम के सहारे ही चुनाव जीतती आई है, इसी कारण वह बैलेट पेपर का विरोध कर रही है।
अभिजीत राज ने कहा कि धरना-प्रदर्शन में भाजपा के विधायक, पूर्व सांसद और वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी यह दर्शाती है कि भाजपा को नगर निगम चुनाव में अपनी हार साफ दिखाई देने लगी है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा कभी भी धनबाद में हो रही कोयला और बालू चोरी के खिलाफ आवाज नहीं उठाती, जबकि वर्षों से यह अवैध कारोबार खुलेआम भाजपा से जुड़े लोगों द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस अवैध कारोबार में भाजपा के कई नेता, विधायक और सांसद शामिल हैं और उन्हें इससे मोटी कमाई होती है।
अभिजीत राज ने कहा कि धनबाद में भीषण प्रदूषण से नागरिक त्रस्त हैं, खनन नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है, लेकिन भाजपा के नेता इन मुद्दों पर कभी खुलकर नहीं बोलते। बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं, जमीन से जुड़े भ्रष्टाचार, अवैध कारोबार, अतिक्रमण, जाम, रोजगार और उच्च शिक्षा जैसी गंभीर समस्याओं पर भी भाजपा नेता मौन रहते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेता चुनाव आते ही केवल एक धर्म के नाम पर समाज को बांटने और ध्रुवीकरण की राजनीति करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि नगर निगम चुनाव बैलेट पेपर से कराए गए तो भाजपा की असलियत जनता के सामने आ जाएगी।






















