गया: सड़क हादसे में असमय निधन के बाद, शनिवार को सब-इंस्पेक्टर नीरज कुमार को उनके पैतृक गांव डिहुरी में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनके निधन से पूरे इलाके और पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई है। अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, पुलिस अधिकारी और शुभचिंतक मौजूद थे।
Highlights:
ट्रेनिंग से लौटते समय हुआ हादसा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सब-इंस्पेक्टर नीरज कुमार मधेपुरा जिले में ट्रेनिंग पूरी करके लौट रहे थे, तभी सड़क हादसे में उनकी मौत हो गई। इस दुखद घटना की खबर से उनके परिवार और स्थानीय समुदाय में शोक छा गया। उनके असमय निधन को पुलिस विभाग के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।
राजकीय सम्मान के साथ विदाई
शनिवार को तिरंगे में लिपटे उनके पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव डिहुरी लाया गया, जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस बल ने ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ देकर दिवंगत अधिकारी को श्रद्धांजलि दी। अंतिम संस्कार के दौरान सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) सुशील कुमार, सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर (SDPO) सुशांत कुमार चंचल, सर्कल इंस्पेक्टर अर्जुन प्रसाद, कोंच स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) सुदेह कुमार के साथ-साथ कई अन्य पुलिस अधिकारी और जवान मौजूद थे।
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अंतिम यात्रा में भारी भीड़
सब-इंस्पेक्टर नीरज कुमार की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण और शुभचिंतक शामिल हुए। पूरे गांव में शोक का माहौल था। लोगों ने उन्हें नम आंखों से विदाई दी और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। अंतिम यात्रा के दौरान पूरा इलाका “नीरज कुमार अमर रहें” के नारों से गूंज उठा।

ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के तौर पर पहचान
ग्रामीणों ने नीरज कुमार को मिलनसार, ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी बताया। अपने व्यवहार और काम करने के तरीके के कारण वे लोगों के बीच काफी लोकप्रिय थे। स्थानीय लोगों ने उनके निधन को कभी न पूरी होने वाली क्षति बताया है। पुलिस अधिकारियों ने भी दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। सब-इंस्पेक्टर नीरज कुमार की अंतिम विदाई ने पूरे इलाके को भावुक कर दिया। उनकी यादें लंबे समय तक लोगों के दिलों में बसी रहेंगी।






















