Dalai Lama 91st Birthday Bodh Gaya: रविवार को बोधगया में विश्व शांति, करुणा और अहिंसा के प्रतीक परम पावन दलाई लामा की 91वीं जयंती श्रद्धा, उत्साह और भव्यता के साथ मनाई गई। इस मौके पर विशेष प्रार्थनाओं, सम्मान समारोहों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के ज़रिए विश्व शांति, भाईचारे और मानवता का संदेश दिया गया।
Highlights:
महाबोधि मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना
जयंती की शुरुआत बोधगया के महाबोधि मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ हुई। यहाँ दलाई लामा की लंबी उम्र, विश्व कल्याण और मानवता की भलाई के लिए कामना की गई। इस धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में बौद्ध अनुयायी और श्रद्धालु शामिल हुए।
भव्य समारोह में देश-विदेश से आए मेहमान मौजूद थे।
पूजा के बाद, बोधगया के एक निजी होटल में इंडियन नेशनल बुद्धिस्ट काउंसिल (IBC) के तत्वावधान में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में देश-विदेश के बौद्ध अनुयायी, विभिन्न बौद्ध मठों के प्रतिनिधि, समाज सेवी, जन प्रतिनिधि और कई गणमान्य अतिथि शामिल हुए। इस दौरान बोधगया के विधायक कुमार सर्वजीत सहित कई अतिथियों को पारंपरिक ‘खादा’ पहनाकर सम्मानित किया गया।
विश्व शांति और मानवता का संदेश
कार्यक्रम के आयोजक आमची लांबा ने बताया कि बोधगया में 100 से अधिक बौद्ध मठ चल रहे हैं और इंडियन नेशनल बुद्धिस्ट काउंसिल पिछले दो वर्षों से सामूहिक रूप से दलाई लामा की जयंती का आयोजन कर रही है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल जन्मदिन का जश्न नहीं है, बल्कि समाज तक विश्व शांति, करुणा, मानवता और सह-अस्तित्व के मूल्यों को पहुँचाने का एक माध्यम भी है।
विधायक ने भाईचारे और सामाजिक सद्भाव पर ज़ोर दिया
समारोह को संबोधित करते हुए विधायक कुमार सर्वजीत ने कहा कि दलाई लामा का पूरा जीवन प्रेम, शांति और भाईचारे का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में सामाजिक सद्भाव और आपसी विश्वास को मज़बूत करना बहुत ज़रूरी है। लोगों से प्रेम, सद्भाव और सामाजिक एकता बनाए रखने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि मज़बूत भाईचारा ही एक मज़बूत राष्ट्र की नींव है।
केक काटकर समारोह का समापन हुआ।
कार्यक्रम के अंत में दलाई लामा की लंबी उम्र और विश्व शांति की कामना के साथ केक काटा गया। इसके बाद सभी उपस्थित लोगों के बीच प्रसाद वितरित किया गया और एक-दूसरे को शुभकामनाएँ देते हुए कार्यक्रम का समापन हुआ। यह कार्यक्रम शांति, करुणा और वैश्विक भाईचारे के संदेश के साथ संपन्न हुआ।






















