पथराकुल्ही बस्ती में तलवार, फरसा और लाठी-डंडों से हुई मारपीट, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर की स्थिति नियंत्रित
धनबाद जिले के कतरास थाना क्षेत्र अंतर्गत कुमारजोरी पंचायत की पथराकुल्ही बस्ती में रविवार को दो पक्षों के बीच विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। तलवार, फरसा, रॉड और डंडों से हुई मारपीट में छह लोग घायल हुए। पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को काबू में किया और घायलों को इलाज के लिए एसएनएमएमसीएच SNMMCH भेजा।
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धनबाद: कतरास थाना क्षेत्र अंतर्गत कुमारजोरी पंचायत की पथराकुल्ही बस्ती में रविवार को दो पक्षों के बीच मामूली कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। घरेलू विवाद के चलते शुरू हुई बहस ने जल्द ही मारपीट का रूप ले लिया और देखते ही देखते दोनों पक्षों में तलवार, फरसा, रॉड और डंडे चलने लगे। इस घटना में कुल छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायलों की पहचान एक पक्ष के राहुल देव गोस्वामी, शिखा गोस्वामी और संतोषी देवी तथा दूसरे पक्ष के बाबूलाल गोसाईं, अजीत कुमार और संतोष कुमार के रूप में हुई है। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए शहीद निर्मल महतो मेमोरियल मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SNMMCH) भेजा गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
स्थानीय लोगों द्वारा सूचना मिलने के बाद कतरास पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। घटनास्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार, दोनों पक्षों में पहले कहासुनी और गाली-गलौज हुई, जो बाद में हिंसक संघर्ष में बदल गई। तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए पुलिस ने इलाके में एहतियातन गश्त बढ़ा दी है और शांति बनाए रखने की अपील की है।
कतरास थानेदार का बयान
घटना को लेकर कतरास थानेदार असीत कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में लिया और सभी घायलों को तत्काल अस्पताल भेजा गया। दोनों पक्षों से बयान लिया जा रहा है और घटनास्थल पर जुटाए गए साक्ष्यों की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा, “घटना की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।”
तनावपूर्ण है माहौल, लेकिन स्थिति नियंत्रण में
हालांकि पुलिस की तत्परता से बड़ी घटना टल गई, लेकिन घटना के बाद से क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। पुलिस की टीम इलाके में लगातार गश्त कर रही है और दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की जा रही है। स्थानीय ग्रामीणों ने भी पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हो सकें।
समाजिक संगठनों ने की शांति बनाए रखने की अपील
घटना के बाद कई सामाजिक संगठनों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी विवाद को बातचीत से सुलझाया जाना चाहिए, न कि हिंसा के जरिए। समाज में सौहार्द और भाईचारा बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।
यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि आपसी विवाद यदि समय रहते न सुलझाए जाएं तो वे बड़े हिंसक संघर्ष का रूप ले सकते हैं। पुलिस प्रशासन की तत्परता ने स्थिति को बिगड़ने से जरूर बचा लिया, लेकिन ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए समाज और प्रशासन दोनों को मिलकर काम करने की आवश्यकता है।





















