धनबाद: जिले के ग्रामीण कार्य प्रमंडल में लंबे समय से एक ही पद पर कार्यरत निम्न वर्गीय लिपिक साधन मंडल के खिलाफ वित्तीय अनियमितता और निविदा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी के आरोप लगाए गए हैं। इंजीनियर एवं संवेदक राम नरेश सिंह ने इस संबंध में मुख्यमंत्री और ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव को शिकायत भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने संबंधित लिपिक के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ धनबाद ग्रामीण कार्य प्रमंडल में वित्तीय कार्यों की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
Highlights:
क्वालिटी कंट्रोल रिपोर्ट और Measurement Book में हेरफेर का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संवेदकों की B.I.T. सिंदरी की क्वालिटी कंट्रोल रिपोर्ट में कथित तौर पर हेरफेर किया जाता है। इसके अलावा जूनियर इंजीनियर की Measurement Book (MB) से पन्ने निकालकर उनकी जगह नए पन्ने लगाए जाने और मापी में बदलाव किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने इन सभी मामलों की जांच कराकर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की है।
रॉयल्टी कटौती और बैक डेट में समय देने का भी आरोप
शिकायत के अनुसार, विपत्रों से नियम के मुताबिक रॉयल्टी की कटौती नहीं किए जाने के कारण सरकारी राजस्व को कथित तौर पर नुकसान हो रहा है। इसके अलावा समय पर काम पूरा नहीं करने वाले संवेदकों को बैक डेट में अतिरिक्त समय देने के आरोप भी लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने क्वालिटी और अनुभव प्रमाणपत्र में कथित हेरफेर की बात भी कही है। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
तीन साल से अधिक समय से एक ही जगह कार्यरत कर्मियों के तबादले की मांग
शिकायत में वित्त विभाग के 28 अप्रैल 2026 के निर्देश का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, इस निर्देश में तीन वर्ष से अधिक समय से एक ही कार्यालय या प्रमंडल में कार्यरत लेखा सहायक, लेखा अधीक्षक और निम्न वर्गीय लिपिक समेत संबंधित कर्मियों को वित्तीय कार्यों से अलग करने और अनिवार्य स्थानांतरण का निर्देश दिया गया है। इसी आधार पर साधन मंडल के तत्काल स्थानांतरण की भी मांग की गई है।
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उच्चस्तरीय जांच की मांग
शिकायतकर्ता राम नरेश सिंह ने धनबाद ग्रामीण कार्य प्रमंडल के वित्तीय कार्यों और Measurement Book की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई और साधन मंडल के स्थानांतरण की मांग की गई है। फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष का विस्तृत जवाब भी उपलब्ध नहीं है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि शिकायत पर जिला प्रशासन, ग्रामीण कार्य विभाग और अन्य संबंधित अधिकारी क्या कदम उठाते हैं तथा जांच के बाद क्या तथ्य सामने आते हैं।






















