Dhanbad Agriculture Director Visit: जिले के किसानों के लिए आधुनिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में पूर्वी टुंडी प्रखंड के भोजपुर गांव में कृषि विभाग के निदेशक विद्यानंद शर्मा पंकज ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रगतिशील किसान शिशिर गोराई के खेतों का जायजा लिया और विभिन्न फसलों की खेती में अपनाई जा रही तकनीकों को देखा। निरीक्षण के दौरान किसानों ने फसलों की सुरक्षा, सिंचाई और समय पर उन्नत बीज उपलब्ध कराने से जुड़ी समस्याएं भी रखीं।
Highlights:
साढ़े तीन एकड़ में हो रही विभिन्न फसलों की खेती
कृषि निदेशक ने भोजपुर गांव में किसान शिशिर गोराई के खेतों का निरीक्षण किया। करीब साढ़े तीन एकड़ भूमि पर आधुनिक तकनीकों से खेती कर रहे किसान के खेतों में बैंगन, करेला, खीरा, हल्दी, अदरक, गेंदा फूल, केला और नेनुआ की फसलें देखने को मिलीं। एक ही क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की फसलों की खेती देखकर निदेशक ने किसान के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर किसान बेहतर उत्पादन और आय बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
किसानों ने फसलों की सुरक्षा की समस्या उठाई
निरीक्षण के दौरान किसान शिशिर गोराई और धर्मेंद्र कुमार सिंह ने खेतों में खुले घूमने वाले मवेशियों से होने वाले नुकसान की समस्या बताई। किसानों के अनुसार, मवेशियों के खेतों में घुसने से तैयार हो रही फसलों को नुकसान पहुंचता है, जिससे उनकी मेहनत और आमदनी प्रभावित होती है। किसानों ने इस समस्या से बचाव के लिए खेतों की घेराबंदी और फेंसिंग की व्यवस्था कराने की मांग की, ताकि फसलों को सुरक्षित रखा जा सके।

सिंचाई के लिए डीप बोरिंग की मांग
किसानों ने खेती के लिए बेहतर सिंचाई व्यवस्था उपलब्ध कराने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने खेतों तक पर्याप्त पानी पहुंचाने के लिए डीप बोरिंग की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की। किसानों का कहना है कि सिंचाई की बेहतर व्यवस्था होने से फसलों की देखभाल आसान होगी और खेती को अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सकेगा।

समय पर उन्नत बीज उपलब्ध कराने की अपील
किसानों ने कृषि विभाग से खेती के अनुकूल मौसम में उन्नत किस्म के बीज समय पर उपलब्ध कराने की मांग की। उनके अनुसार, बीज समय पर मिलने से बुआई और फसल उत्पादन की योजना बनाने में मदद मिलेगी। भोजपुर गांव में हुए इस निरीक्षण के दौरान आधुनिक खेती के प्रयासों के साथ किसानों की व्यावहारिक समस्याएं भी सामने आईं। अब किसानों की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि फसलों की सुरक्षा, सिंचाई और उन्नत बीज से जुड़ी मांगों पर विभाग की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं।























