निरसा: निरसा प्रखंड के पंडरा पश्चिम पंचायत भवन के समीप वर्ष 1970 में बना जल मीनार आज जर्जर अवस्था में खड़ा अपने अस्तित्व को बचाए रखने की जद्दोजहद कर रहा है। स्थानीय निवासी किसी रहनुमा की राह देख रहे हैं, जो इसके जीर्णोद्धार की दिशा में ठोस कदम उठाए।
ग्रामीणों का कहना है कि जल मीनार के निर्माण के बाद से अब तक न तो इसकी सफाई हुई है, न ही मरम्मत। इसके बावजूद आज भी इसी जर्जर जल मीनार से आसपास के लगभग दस हजार लोगों को पेयजल की आपूर्ति की जा रही है।
ग्रामीण बताते हैं कि चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधि जल समस्या दूर करने का आश्वासन तो देते हैं, लेकिन चुनाव बीतते ही सारे वादे हवा हो जाते हैं। वर्तमान स्थिति यह है कि यदि जल्द ही सरकार, जनप्रतिनिधि या संबंधित विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो किसी अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। जल मीनार के बिल्कुल समीप एक सरकारी विद्यालय और पास ही आंगनबाड़ी केंद्र भी संचालित है, जिससे खतरा और बढ़ जाता है।
जब इस संबंध में क्षेत्र की जिप सदस्य दीपाली रुहीदास से पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि आगामी बोर्ड बैठक में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाएगा। साथ ही उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि इस समस्या के समाधान के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।






















