वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत जारी रखने की इच्छा जताई है। साथ ही, उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच पहले से लागू सीज़फायर (युद्धविराम) अब खत्म हो गया है।
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ट्रंप का ‘Truth Social’ पर दावा
अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘Truth Social’ पर एक पोस्ट में, डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत जारी रखने का अनुरोध किया है। उन्होंने लिखा कि अमेरिका बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन ईरान को यह स्पष्ट कर दिया है कि सीज़फायर अब लागू नहीं है। ट्रंप ने इस पोस्ट पर अपने हस्ताक्षर भी किए।
तनाव बढ़ने का कारण क्या बताया गया?
मिली जानकारी के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच पहले एक अंतरिम सीज़फायर व्यवस्था लागू थी। इस दौरान, ईरान पर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों पर फिर से हमले शुरू करने का आरोप लगा। ट्रंप ने इसे सीज़फायर समझौते का उल्लंघन बताया और कहा कि इसके बाद वह समझौता अब मान्य नहीं रहा।
सैन्य कार्रवाई को लेकर क्या दावे किए गए?
रिपोर्ट्स से पता चलता है कि अमेरिकी सेना ने हाल ही में ईरान के कई सैन्य ठिकानों, मिसाइल भंडारों और बुशहर परमाणु संयंत्र के आसपास के इलाकों को निशाना बनाया है। वहीं, ईरान ने कतर, कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल करके जवाबी हमले करने का दावा किया है।
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क्षेत्रीय तनाव के बीच बातचीत की संभावना
दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने पश्चिम एशिया में स्थिति को काफी अस्थिर बना दिया है। हालांकि, ट्रंप के बयान से संकेत मिलता है कि तनाव के बावजूद बातचीत की संभावना को पूरी तरह से खारिज नहीं किया गया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय दोनों पक्षों के आधिकारिक रुख और उसके बाद होने वाली कूटनीतिक गतिविधियों पर बारीकी से नज़र रख रहा है।






















