औरंगाबाद: खुद को प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी बताकर एक व्यक्ति ने कथित तौर पर औरंगाबाद पुलिस को अपने प्रभाव में ले लिया। उसने थाने के सरकारी मोबाइल नंबर पर फोन किया और खुद को प्रशिक्षु IPS अधिकारी बताते हुए छापेमारी के लिए पुलिस बल की मांग की।
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पुलिस ने उसके दावे पर भरोसा किया और गश्ती दल उसके साथ चल पड़ा। इसके बाद कथित फर्जी अधिकारी के निर्देश पर NH-139 पर वाहनों की जांच कराई गई। जसोइया मोड़ से पटना जाने वाली सड़क पर सीमेंट फैक्ट्री तक पुलिसकर्मियों ने वाहनों को रोककर पूछताछ की। इस दौरान सब्जी कारोबारी समेत कई लोगों से पूछताछ की गई।
रेलवे स्टेशन पर दो युवकों को स्कॉर्पियो में बैठाया
इसके बाद पुलिस टीम अनुग्रह नारायण रोड रेलवे स्टेशन की ओर गई। यहां शहर की तरफ आ रहे एक टेंपो को रोककर तीन यात्रियों से पूछताछ की गई।
इनमें पलामू के हरिहरगंज थाना क्षेत्र के आलोक कुमार और सुनील कुमार रवि भी शामिल थे। कथित फर्जी IPS ने दोनों युवकों को अपनी स्कॉर्पियो में बैठा लिया और मदनपुर की ओर ले गया। वहीं तीसरे युवक अजय कुमार को छोड़ दिया गया।
अजय कुमार ने दोनों युवकों के परिजनों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद युवकों के एक रिश्तेदार, जो झारखंड पुलिस में दारोगा हैं, ने कथित IPS से फोन पर बातचीत की।
दारोगा से बातचीत के बाद खुलने लगा राज
दारोगा से बातचीत के दौरान कथित आरोपी को अपनी पहचान उजागर होने का अंदेशा हुआ। इसके बाद दोनों युवकों को कामा बिगहा जीटी रोड के पास उतार दिया गया और आरोपी स्कॉर्पियो लेकर फरार हो गया।
पीड़ित युवकों ने आरोप लगाया कि उन्हें मोबाइल फोन से बातचीत करने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने डराने-धमकाने और मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया है। पुलिस के अनुसार, कथित आरोपी ने नगर थाना के एक दारोगा को भी मोबाइल पर किसी से बातचीत करने से रोकने का प्रयास किया।
मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक ने जिले के सभी थानों को अलर्ट कर दिया। पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी स्कॉर्पियो से पलामू की ओर भाग रहा है।
चेकपोस्ट पर स्कॉर्पियो छोड़कर फरार हुआ आरोपी
पुलिस ने संभावित रास्तों पर वाहनों की जांच शुरू की। एरका चेकपोस्ट के पास पुलिस की चेकिंग देखकर आरोपी स्कॉर्पियो छोड़कर फरार हो गया।
पुलिस ने मौके से वाहन के चालक पिंटू कुमार, निवासी मेदिनीनगर, को पकड़ लिया। इसके बाद चैनपुर थाना क्षेत्र के कुंदन कुमार को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो को भी बरामद कर लिया है।
पुलिस गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ कर मुख्य आरोपी तक पहुंचने और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाने में लगी है।
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पटना के व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत है स्कॉर्पियो
वाहन के पंजीकरण की जांच में स्कॉर्पियो के मालिक का नाम संजय कुमार मिश्रा बताया गया है। वह पटना के रामकृष्णानगर थाना क्षेत्र के जकरियापुर निवासी बताए गए हैं।
पंजीकरण में दर्ज मोबाइल नंबर पर पुलिस ने संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन फोन बंद मिला। दूसरी ओर, मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए औरंगाबाद पुलिस झारखंड में उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। मुख्य आरोपी की पहचान, उसके द्वारा पुलिस को कथित तौर पर प्रभावित करने के तरीके और इस घटनाक्रम में अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।






















