रांची: झारखंड के पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग गुप्ता ने मंगलवार देर शाम अपने पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि, देर रात तक राज्य सरकार की ओर से उनके इस्तीफे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई थी।
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सूत्रों के मुताबिक, उनके उत्तराधिकारी के तौर पर IPS प्रशांत सिंह और एम.एस. भाटिया के नाम पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
सियासी हलचल और प्रशासनिक गतिविधियाँ
मंगलवार शाम से ही पुलिस मुख्यालय और प्रशासनिक गलियारों में इस्तीफे की चर्चा तेज हो गई थी।
रात करीब 7:30 बजे डीजीपी कार्यालय में गतिविधियाँ बढ़ीं, जिसके बाद अनुराग गुप्ता खुद कार्यालय पहुँचे और फिर मुख्यमंत्री आवास गए। कुछ देर रुकने के बाद वे घर लौटे, जिसके तुरंत बाद इस्तीफे की खबर फैल गई।
अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं
सरकार की ओर से न तो कोई प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई है और न ही डीजीपी ने सार्वजनिक रूप से इस्तीफे की पुष्टि की है।
सूत्रों का कहना है कि अनुराग गुप्ता आंतरिक दबाव और विभागीय मतभेदों से परेशान थे, जिसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया।
फरवरी 2025 में मिली थी नियमित नियुक्ति
अनुराग गुप्ता को फरवरी 2025 में झारखंड का नियमित डीजीपी बनाया गया था।
उनका कार्यकाल फरवरी 2027 तक निर्धारित था। शुरुआती महीनों में उन्हें ACB और CID का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया था, लेकिन सितंबर 2025 में सरकार ने ACB उनसे वापस ले लिया था — जिसके बाद उनके पद से हटाए जाने की अटकलें तेज हो गई थीं।
लंबा पुलिस करियर
वर्ष 2022 में उन्हें डीजी रैंक में प्रोन्नति मिली थी।
26 जुलाई 2024 को वे झारखंड के प्रभारी डीजीपी बने, लेकिन चुनाव आयोग के निर्देश पर विधानसभा चुनाव से पहले उन्हें हटा दिया गया।
बाद में हेमंत सोरेन सरकार की वापसी के बाद 28 नवंबर 2024 को उन्हें पुनः डीजीपी बनाया गया और 3 फरवरी 2025 को नियमित रूप से इस पद पर नियुक्त किया गया।
नए नेतृत्व की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, अनुराग गुप्ता के इस्तीफे के बाद अब झारखंड पुलिस में नेतृत्व परिवर्तन लगभग तय माना जा रहा है।
सरकार जल्द ही नए डीजीपी की घोषणा कर सकती है।





















