निरसा: लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी पत्रकारों पर हमले को लेकर पूरे इलाके में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है।
निरसा-चिरकुंडा क्षेत्र में आज पत्रकार सड़कों पर उतर आए और जोरदार प्रदर्शन किया। चिरकुंडा के शहीद चौक पर बड़ी संख्या में मीडिया कर्मी एकजुट हुए और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन कर रहे पत्रकारों का आरोप है कि मंत्री के समर्थकों ने सुनियोजित तरीके से उन पर हमला किया। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है।
पत्रकारों ने सवाल उठाया कि अगर मीडिया ही सुरक्षित नहीं रहेगा, तो सच सामने कैसे आएगा? उन्होंने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि यह हमला किसी एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि पूरी पत्रकारिता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला है।
इस दौरान पत्रकारों ने राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की कि ऐसे मंत्री को तुरंत मंत्रिमंडल से हटाया जाए, जिनके समर्थकों पर इस तरह के गंभीर आरोप लगे हैं।
इसके बाद सभी पत्रकार रैली निकालते हुए चिरकुंडा थाना पहुंचे, जहां उन्होंने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में निष्पक्ष जांच, हमलावरों की गिरफ्तारी और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई।
पत्रकारों ने झारखंड पुलिस से भी अपील की कि इस मामले में बिना किसी दबाव के जल्द से जल्द कार्रवाई की जाए।
फिलहाल, यह मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। अब देखना यह होगा कि सरकार इस पर क्या कदम उठाती है और क्या पत्रकारों को न्याय मिल पाता है।






















