सिंदरी:आज 1 मई को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर सिंदरी में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
अखिल भारतीय अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग कर्मचारी समन्वय काउंसिल, सिंदरी के तत्वावधान में अंबेडकर परिसर में सम्मान समारोह आयोजित हुआ। कार्यक्रम का मुख्य संदेश था—“श्रम करो, शर्म नहीं”।
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ भीम राव अंबेडकर की आदमकद प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई।
इस अवसर पर नगर निगम के महिला एवं पुरुष कर्मचारियों को सम्मानित किया गया और उनके योगदान की सराहना की गई। कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग मौजूद रहे, जिन्होंने अपने विचार साझा करते हुए श्रम के महत्व को रेखांकित किया।
काउंसिल के सलाहकार भोला पासवान ने कहा कि मजदूरों को उनके अधिकार, उचित वेतन और सुरक्षित कार्यस्थल के प्रति जागरूक करना बेहद जरूरी है। वहीं सलाहकार सुरेश प्रसाद ने कहा कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता, हर मेहनत सम्मान के योग्य है।
महासचिव वी. मुरुगन ने मजदूरों के अटूट परिश्रम को नमन किया, जबकि सचिव रबिंद्र प्रसाद ने कहा कि मजदूरों के बिना किसी भी क्षेत्र में विकास संभव नहीं है।
कार्यक्रम के दौरान वर्ष 1886 में हेमार्केट घटना को भी याद किया गया, जब 8 घंटे के कार्यदिवस की मांग को लेकर ऐतिहासिक आंदोलन हुआ था।
इस आयोजन में सतेन्द्र कुमार मरांडी, जगरनाथ, सुखलाल, शिवलाल, गाजू, शंकर, अनिता देवी, चंदो देवी, ललिता देवी और सबिता देवी सहित कई लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में अनुराग कुमार आर्या, प्रकाश कुमार, वुधन राम, राजन कुमार, चंचल, आकाश कुमार, सागर कुमार, मनोज मोदक, राजेश पासवान, राजा राम पासवान और जितेन्द्र शर्मा समेत कई सदस्यों का अहम योगदान रहा।
कुल मिलाकर, यह आयोजन न सिर्फ मजदूरों के सम्मान का प्रतीक बना, बल्कि समाज को यह संदेश भी दे गया कि श्रम ही सबसे बड़ा सम्मान है।






















