गुरुदास भवन में आरवाईए राष्ट्रीय परिषद की दो दिवसीय बैठक का आगाज
निरसा:इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) की राष्ट्रीय परिषद की दो दिवसीय बैठक 14–15 दिसंबर को निरसा स्थित गुरुदास भवन में शुरू हुई। बैठक में बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, असम, दिल्ली, महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए नौजवान प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। बैठक में संगठन की दिशा, मौजूदा संघर्षों की चुनौतियों और आगामी आंदोलनात्मक कार्यक्रमों पर व्यापक विचार-विमर्श किया जा रहा है।
बैठक की शुरुआत झारखंड के जननेता कॉमरेड ए.के. रॉय और कॉमरेड गुरुदास चटर्जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। वक्ताओं ने उनके संघर्षपूर्ण जीवन, जनपक्षधर राजनीति और नौजवानों को संगठित करने में निभाई गई ऐतिहासिक भूमिका को याद करते हुए उनके सपनों को साकार करने के लिए संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया।
आरवाईए के राष्ट्रीय महासचिव नीरज कुमार ने कहा कि यह देश की विडंबना है कि आज़ादी के आंदोलन में अंग्रेजों की मुखबिरी करने वाली ताकतें आज राष्ट्रवाद और ‘वंदे मातरम्’ के नाम पर देशभक्ति का प्रमाणपत्र बांट रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के संरक्षण में इतिहास को तोड़-मरोड़ कर झूठा राष्ट्रवाद खड़ा किया जा रहा है ताकि असली मुद्दों से ध्यान भटकाया जा सके।
नीरज कुमार ने कहा कि मोदी सरकार की नीतियों से नौजवान सबसे ज़्यादा तबाह हो रहे हैं। शिक्षा और रोजगार पर चौतरफा हमले हो रहे हैं। विश्वविद्यालयों को ज्ञान और लोकतांत्रिक बहस के केंद्रों की बजाय दमन के अड्डों में बदला जा रहा है। नई शिक्षा नीति के नाम पर शिक्षा का निजीकरण बढ़ाया गया है, जिससे गरीब और मेहनतकश तबके के लिए उच्च शिक्षा और कठिन होती जा रही है।
उन्होंने कहा कि कारखानों और कंपनियों में आउटसोर्सिंग, ठेकाकरण और अस्थायी रोजगार के जरिए नौजवानों का शोषण हो रहा है। स्थायी नौकरियों को खत्म कर भविष्य को असुरक्षित बनाया जा रहा है। झारखंड जैसे राज्यों में स्थानीय युवाओं को रोजगार की गारंटी नहीं मिल रही, जिससे बेरोजगारी और पलायन बढ़ रहा है।
मुख्य अतिथि भाकपा माले के पोलित ब्यूरो सदस्य रवि राय ने कहा कि झारखंड में बेरोजगारी, विस्थापन, भूमि अधिग्रहण, खनन क्षेत्र में ठेका प्रथा और मजदूरों के अधिकारों पर हमले लगातार बढ़ रहे हैं। बड़े पैमाने पर पलायन के कारण राज्य के युवा देश-विदेश में असुरक्षित हालात में काम करने को मजबूर हैं, जहां शोषण और मौत तक की घटनाएं सामने आ रही हैं।
उन्होंने ठेकाकरण, स्थायी नौकरियों को खत्म करने, शिक्षा के निजीकरण, भर्ती परीक्षाओं में धांधली और अग्निवीर योजना के जरिए युवाओं के भविष्य पर हो रहे हमलों की कड़ी आलोचना की। साथ ही एसआईआर के माध्यम से पिछले दरवाजे से एनआरसी थोपने और नागरिक अधिकार छीनने की साजिश का आरोप लगाया।
रवि राय ने कहा कि अमेरिकी टैरिफ के मुद्दे पर मोदी सरकार की चुप्पी देश की संप्रभुता से समझौता है। सरकार कॉरपोरेट और विदेशी ताकतों के हित साधने में लगी है, जबकि बेरोजगारी, महंगाई और गिरती आय से जनता त्रस्त है। इन नाकामियों से ध्यान हटाने के लिए नफरत और उन्माद की राजनीति की जा रही है, जिससे लोकतंत्र कमजोर हो रहा है। उन्होंने देशभर के नौजवानों से एकजुट होकर संघर्ष तेज करने का आह्वान किया।
इस मौके पर झारखंड राज्य सचिव अविनाश कुमार, बिहार राज्य सचिव व पूर्व विधायक शिवप्रकाश रंजन, यूपी राज्य सचिव सुनील मौर्य, पूर्व विधायक अजीत कुशवाहा, संदीप जायसवाल, सवा परवीन, ओणम सिंह, राधा कुमार, दिव्या भगत सहित कई अन्य नेता व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।






















