निरसा: निरसा के पांडरा मोड़ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के खिलाफ गुरुवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। समाजसेवी हरहर आर्य के नेतृत्व में लोगों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन और नारेबाजी की। आरोप है कि अस्पताल में न डॉक्टर मिलते हैं और न ही जरूरी दवाइयाँ।
करोड़ों रुपये की लागत से बना निरसा का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आज खुद बीमार नजर आ रहा है। विशाल भवन होने के बावजूद मरीजों को बुनियादी इलाज तक नहीं मिल पा रहा।
ग्रामीणों का आरोप है कि आपातकालीन स्थिति में डॉक्टर नदारद रहते हैं और छोटी-छोटी सुविधाओं के लिए भी मरीजों को भटकना पड़ता है।
ताजा मामला बैजना पंचायत का है, जहाँ एक चार वर्षीय मासूम बच्चे को सियार ने काट लिया। परिजन घायल बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंचे, लेकिन इलाज शुरू करने के बजाय अस्पताल कर्मियों ने राशन कार्ड और पहचान पत्र की मांग शुरू कर दी।
इस घटना के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया।
ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं लगातार बदहाल होती जा रही हैं। गरीब मरीजों को मजबूरी में निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है, जहाँ आर्थिक शोषण का सामना करना पड़ता है।
लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।






















