धनबाद: धनबाद के कतरास क्षेत्र से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां बीसीसीएल की अंगारपथरा कोलियरी स्थित कांटा पहाड़ी डेंजर जोन में भू-धंसान की स्थिति गंभीर हो गई है।
गुरुवार रात अचानक तेज आवाज के साथ जमीन में दरारें पड़नी शुरू हुईं, जो शुक्रवार सुबह तक और चौड़ी हो गईं। सड़क के साथ-साथ कई घरों की दीवारों और फर्श में भी बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं। हालात ऐसे हो गए कि कई परिवार पूरी रात डर के साए में जागते रहे।
स्थानीय लोगों के मुताबिक करीब 100 घर और 500 की आबादी इस संकट से प्रभावित है। कई परिवारों ने एहतियात के तौर पर अपना सामान सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट करना शुरू कर दिया है।
ग्रामीणों ने इस पूरे मामले के लिए अवैध कोयला खनन को जिम्मेदार ठहराया है। लोगों का आरोप है कि इलाके में लंबे समय से अवैध माइनिंग चल रही है, लेकिन बीसीसीएल प्रबंधन और प्रशासन कार्रवाई करने में विफल रहा है। ग्रामीणों ने प्रबंधन पर लापरवाही और संरक्षण देने तक के गंभीर आरोप लगाए हैं।
घटना की सूचना मिलने के बाद बीसीसीएल अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन नाराज ग्रामीणों ने उनका घेराव कर विरोध जताया। लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर अवैध खनन नहीं रोका गया और पुनर्वास की व्यवस्था नहीं हुई, तो कतरास-धनबाद मुख्य मार्ग को अनिश्चितकाल के लिए जाम किया जाएगा।
करीब 18 घंटे बाद बीसीसीएल की टीम हाईवा और जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंची। सीआईएसएफ और पुलिस की मौजूदगी में दरारों और अवैध खनन वाले हिस्से की भराई का काम शुरू कर दिया गया है।
बीसीसीएल का कहना है कि कांटा पहाड़ी क्षेत्र पहले से डेंजर जोन घोषित है और कई बार नोटिस देने के बावजूद लोग इलाका खाली नहीं कर रहे। कंपनी ने प्रभावित परिवारों की सूची तैयार कर पुनर्वास प्रक्रिया जल्द शुरू करने की बात कही है।





















