पटना:पटना के एक गर्ल्स हॉस्टल में रहकर मेडिकल परीक्षा की तैयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने पीड़ित परिवार के साथ पटना एसएसपी से मुलाकात कर दो अहम मांगें रखीं।
प्रशांत किशोर ने कहा कि सरकार द्वारा इस मामले में एसआईटी का गठन यह दर्शाता है कि प्रारंभिक जांच में कहीं न कहीं चूक हुई है। ऐसे में पीड़ित परिवार का मानना है कि मामले की जांच कर रही महिला अनुसंधान पदाधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होनी चाहिए।
इसके साथ ही प्रशांत किशोर ने बीते दिनों इस घटना के विरोध में कारगिल चौक पर हुए धरना-प्रदर्शन के दौरान जिन लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है, उन पर किसी भी तरह की सख्त कार्रवाई न करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब सरकार खुद मान रही है कि जांच में गलती हुई है और एसआईटी गठित की गई है, तो ऐसे में प्रदर्शन करने वालों पर कार्रवाई करना उचित नहीं होगा।
प्रशांत किशोर ने बताया कि एसएसपी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि पुलिस मानवीय दृष्टिकोण अपनाएगी और जिन लोगों पर एफआईआर हुई है, उन पर कड़ी कार्रवाई नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार ने आईजी स्तर के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया है, अब जांच को निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ने दिया जाए। अगर पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता है और वे संतुष्ट नहीं होते हैं, तो आगे भी उनकी लड़ाई जारी रहेगी। प्रशांत किशोर ने दोहराया कि पीड़ित परिवार को कमजोर समझकर दबाया नहीं जा सकता और वे पूरी मजबूती से उनके साथ खड़े हैं।
इस दौरान वरिष्ठ नेता किशोर कुमार मुन्ना, सुभाष कुमार कुशवाहा, रामबली चंद्रवंशी, जेपी सिंह, मनीष कश्यप, सर्वर अली सहित कई अन्य लोग भी मौजूद थे।






















