छपरा: शुक्रवार की रात से शुरू भारी बरसात की वजह से छपरा बलिया रेलखण्ड पर स्थित मांझी रेलवे स्टेशन एवम मांझी रेलवे हाल्ट के बीच तीन स्थानों पर रेल पटरी के नीचे की मिट्टी धंस गई जिससे लगभग आठ घण्टे तक उक्त मार्ग पर ट्रेनों का आवागमन ठप हो गया। इससे पहले रेल कर्मियों ने नई तथा पुरानी रेल लाइन के बीच हुए जबरदस्त जल जमाव वाले पानी को जेसीबी की सहायता से काटकर बाहर गिरा दिया। शायद इसी वजह से रेल पटरी के नीचे की मिट्टी दलदली होकर धंस गई थी तथा इसकी सूचना रेलकर्मियों ने कंट्रोल को दी। रेल ट्रैक पर काम कर रहे रेल सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक शनिवार की सुबह लगभग छह बजे से दोपहर बाद दो बजे तक उक्त रेलमार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप रहा। इस दौरान छपरा जंक्शन एवम बलिया के अलावा गौतम स्थान,मांझी,बकुलहा, सुरेमनपुर,रेवती,सहतवार तथा बांसडीह आदि स्टेशनों पर कई पैसेंजर मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों को खड़ा करके रोक दिया गया। इस दौरान उक्त ट्रेनों में सवार सैकड़ों यात्री अपने गंतब्य तक पहुंचने के लिए बुरी तरह परेशान रहे। गाजीपुर के चीफ आईओ डब्ल्यू कमलेश कुमार के अलावा बलिया के एईएन तथा वाराणसी मंडल के डीआरएम की देखरेख में घण्टों बाद क्षतिग्रस्त रेल पटरी के दुरुस्त होने के बाद सबसे पहले 5084 डाउन उत्सर्ग एक्सप्रेस को दोपहर बाद दो बजे मांझी स्टेशन होकर छपरा के लिए रवाना किया गया। मांझी हाल्ट के स्टेशन संचालक मोज़म्मिल हुसैन उर्फ लाल बाबू ने बताया कि आनंद बिहार से पटना जाने वाली एक्सप्रेस तथा वाराणसी सिटी से छपरा तक जाने वाली 55140 पैसेंजर डाउन को बलिया में ही रोक दिया गया। 3106 बलिया सियालदह डाउन को भी बलिया में रोक रखा गया था। 15054 डाउन लखनऊ छपरा एक्सप्रेस को भी बलिया में रोक कर रखा गया।
15159 छपरा दुर्ग एक्सप्रेस अप तथा रक्सौल से आनंद बिहार सद्भावना,75101 पैसेंजर,05297 पाटलिपुत्र एक्सप्रेस को छपरा में रोक कर रखना पड़ा। ट्रेनों की आवाजाही ठप रहने के कारण मांझी रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन होने वाली हजारों रुपये की टिकट की बिक्री प्रभावित होकर रह गई।





















