हाजीपुर: श्रावणी मेला 2026 के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले तीर्थयात्रियों की यात्रा को आसान बनाने के लिए, रेलवे ने दो नई श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेनें चलाने की घोषणा की है। ईस्ट सेंट्रल रेलवे के अनुसार, एक स्पेशल ट्रेन रोज़ाना पटना और मधुपुर के बीच चलेगी, और दूसरी ट्रेन हर रविवार को आरा और जसीडीह के बीच चलेगी। इन ट्रेनों के चलने से बिहार और झारखंड के हज़ारों तीर्थयात्रियों को काफ़ी राहत मिलेगी।
Highlights:
पटना-मधुपुर के बीच रोजाना चलेगी स्पेशल ट्रेन
रेलवे द्वारा गाड़ी संख्या 03555/03556 मधुपुर–पटना–मधुपुर श्रावणी मेला स्पेशल का परिचालन प्रतिदिन किया जाएगा। मधुपुर से यह ट्रेन 29 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन रात 8:30 बजे प्रस्थान करेगी। यह जसीडीह, सिमुलतला, झाझा, जमुई, किउल, लक्खीसराय, अशोकधाम, मनकठा, डुमरी, बड़हिया, हाथीदह, मोकामा, बाढ़, अथमलगोला, बख्तियारपुर, खुसरूपुर, फतुहा, पटना साहिब और राजेंद्र नगर होते हुए सुबह 4:05 बजे पटना जंक्शन पहुंचेगी।वापसी में गाड़ी संख्या 03556 30 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन सुबह 4:30 बजे पटना से रवाना होगी और उन्हीं प्रमुख स्टेशनों पर रुकते हुए दोपहर 12:15 बजे मधुपुर पहुंचेगी।
आरा-जसीडीह के बीच हर रविवार विशेष ट्रेन
श्रावणी मेले के दौरान गाड़ी संख्या 03270/03269 आरा–जसीडीह–आरा श्रावणी मेला स्पेशल का संचालन 9 अगस्त से 30 अगस्त 2026 तक प्रत्येक रविवार किया जाएगा। आरा से यह ट्रेन रात 12:15 बजे रवाना होगी और दानापुर, पटना, पटना साहिब, फतुहा, बख्तियारपुर, बाढ़, मोकामा, अशोकधाम, किउल, जमुई और झाझा सहित अन्य स्टेशनों पर ठहरते हुए दोपहर 12:10 बजे जसीडीह पहुंचेगी। वापसी में जसीडीह से यह ट्रेन दोपहर 12:30 बजे खुलेगी और झाझा, जमुई, किउल, अशोकधाम, मोकामा, बाढ़, बख्तियारपुर, फतुहा, पटना और दानापुर सहित अन्य स्टेशनों पर रुकते हुए रात 11:45 बजे आरा पहुंचेगी।
श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी सुविधा
श्रावणी मेला के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम में लाखों श्रद्धालु जलार्पण के लिए पहुंचते हैं। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे हर वर्ष विशेष ट्रेनों का संचालन करता है। इस बार भी इन स्पेशल ट्रेनों के माध्यम से बिहार के विभिन्न शहरों से देवघर और मधुपुर की यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले ट्रेन के समय और परिचालन संबंधी जानकारी आधिकारिक माध्यमों से अवश्य प्राप्त कर लें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।






















