रक्षा अभियानों की लाइव कवरेज पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने मीडिया को जारी की एडवाइजरी
नई दिल्ली, 4 मई 2025: राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग को लेकर केंद्र सरकार ने एक बार फिर मीडिया प्लेटफॉर्म्स को सख्त चेतावनी दी है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (Ministry of Information and Broadcasting) ने शनिवार को एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी (Advisory) जारी करते हुए सभी टीवी न्यूज चैनलों, समाचार एजेंसियों, डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से आग्रह किया है कि वे रक्षा अभियानों या सुरक्षा बलों की गतिविधियों से जुड़ी किसी भी प्रकार की ‘रियल-टाइम कवरेज’, दृश्य प्रसारण या स्रोत आधारित रिपोर्टिंग से परहेज करें।
Highlights:
राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाल सकती है लाइव कवरेज
मंत्रालय ने कहा है कि रक्षा अभियानों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी का समय से पहले खुलासा करने से शत्रुतापूर्ण तत्वों को रणनीतिक लाभ मिल सकता है और यह हमारे सुरक्षा बलों की कार्यकुशलता और जीवन को खतरे में डाल सकता है। एडवाइजरी में स्पष्ट किया गया है कि ऐसी गतिविधियों की रिपोर्टिंग केवल सरकार द्वारा अधिकृत अधिकारी की ओर से दी गई ब्रीफिंग तक सीमित होनी चाहिए।
पुराने मामलों से ली गई सीख
एडवाइजरी में करगिल युद्ध, मुंबई आतंकी हमला (26/11) और कंधार विमान अपहरण जैसी घटनाओं का जिक्र किया गया है, जिनमें मीडिया की अनियंत्रित कवरेज ने राष्ट्रीय हितों को नुकसान पहुंचाया था। मंत्रालय ने इन उदाहरणों के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की है कि मीडिया को हर हाल में जिम्मेदार रिपोर्टिंग करनी चाहिए और सुरक्षा अभियानों की गोपनीयता का सम्मान करना चाहिए।
केबल टीवी नियमों का सख्ती से पालन जरूरी
मंत्रालय ने केबल टेलीविजन नेटवर्क (संशोधन) नियम, 2021 के नियम 6(1)(p) का हवाला देते हुए कहा कि आतंकवाद-रोधी अभियानों की लाइव कवरेज पूर्णतः प्रतिबंधित है। सभी टीवी चैनलों को पहले भी इस नियम का पालन करने का निर्देश दिया गया था, और अब दोबारा यह चेतावनी दी गई है कि उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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सोशल मीडिया पर भी बढ़ी निगरानी
एडवाइजरी में सोशल मीडिया यूजर्स से भी खास अपील की गई है कि वे बिना पुष्टि के रक्षा अभियानों या सुरक्षा गतिविधियों से संबंधित कोई भी वीडियो, फोटो या जानकारी पोस्ट न करें। यह न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि इससे सैन्य अभियानों की गोपनीयता भंग हो सकती है।
राष्ट्रसेवा में मीडिया की भूमिका अहम
सरकार ने मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और नागरिकों से अपेक्षा जताई है कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में सतर्कता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का परिचय दें। एडवाइजरी में कहा गया है कि देश की सुरक्षा हम सभी की साझा जिम्मेदारी है और मीडिया को इस जिम्मेदारी को निभाते हुए उच्चतम पत्रकारिता मानकों का पालन करना चाहिए।
निष्कर्ष
यह एडवाइजरी ऐसे समय में जारी की गई है जब भारत की सीमाओं पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और दुश्मन देश की ओर से लगातार घुसपैठ और हमलों की कोशिशें हो रही हैं। ऐसे में मीडिया की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वह हर खबर को सार्वजनिक करने से पहले उसके राष्ट्रीय प्रभाव को समझे और रक्षा व सुरक्षा से जुड़ी जानकारी को गोपनीय बनाए रखे।
भारत सरकार की इस पहल का उद्देश्य देश की रक्षा और सुरक्षा बलों की रणनीतियों को सुरक्षित रखना है, ताकि किसी भी दुश्मन ताकत को इसका फायदा न मिल सके। यह एडवाइजरी सभी मीडिया संस्थानों के लिए एक चेतावनी और मार्गदर्शिका दोनों है कि पत्रकारिता करते समय राष्ट्रीय हित सर्वोपरि हो।

























