रांची:राजधानी रांची में आज पहली बार जनजातीय स्वशासन महोत्सव का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग द्वारा आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य जनजातीय स्वशासन की अवधारणा को सशक्त करना तथा ग्राम सभाओं की भूमिका को और मजबूत बनाना रहा।
इस अवसर पर वक्ता ने कहा कि राज्य में पहली बार इस प्रकार का आयोजन किया गया है, जिसके लिए विभाग बधाई का पात्र है। उन्होंने कहा कि पेसा कानून की महत्ता को आज राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है, जो जनजातीय स्वशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में विशाखापट्टनम में एक बड़े राष्ट्रीय आयोजन में झारखंड के कलाकार, खिलाड़ी और साहित्यकार भाग ले रहे हैं। वहाँ से उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की लगातार सकारात्मक सूचनाएँ प्राप्त हो रही हैं और उम्मीद है कि वे और बेहतर अनुभव के साथ लौटेंगे।
विभाग द्वारा महात्मा गांधी के स्वशासन के सपने और राज्य निर्माण के बाद आदरणीय स्वर्गीय श्री गुरु शिबू सोरेन द्वारा आगे बढ़ाई गई सोच को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। विशेष रूप से अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने, प्रशिक्षण देने और स्वशासन की प्रक्रिया को मजबूत करने पर ज़ोर दिया जा रहा है।
इसी क्रम में आज विभाग की ओर से एक नया पोर्टल भी लॉन्च किया गया। इस पोर्टल के माध्यम से बेहतर कार्य करने वाली ग्राम सभाओं और पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों—मुखिया, पंचायत समिति एवं जिला परिषद सदस्यों—को पुरस्कृत किया जाएगा
प्रतिनिधि पोर्टल पर अपने कार्यों का विवरण अपलोड कर सकेंगे। पारदर्शी चयन प्रक्रिया के बाद उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को सम्मान और प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। यह पहल राज्य में पहली बार की जा रही है।
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने बताया कि आज कैबिनेट की बैठक भी निर्धारित है और गोपनीयता की शपथ के कारण इसके निर्णयों पर शाम के बाद ही जानकारी दी जाएगी।






















