छपरा: सारण जिले में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना ने पूरे सारण को झकझोर कर रख दिया है। सारण के डेरनी थाना क्षेत्र स्थित पट्टी शीतल गांव में बीते 11 मार्च को हुई एक नाबालिग की निर्मम हत्या की आग, अब पूरे प्रदेश में फैल चुकी है। कलेजा चीर देने वाली इस चीख के बीच आज भी पीड़ित परिवार की आँखें न्याय की राह ताक रही हैं।इस दुख की घड़ी में सांत्वना देने और न्याय की हुंकार भरने के लिए जनप्रतिनिधियों का तांता लगा हुआ है।
मंगलवार को पट्टी शीतल गांव का माहौल उस वक्त और गमगीन हो गया जब बिहार सरकार के पीएचईडी मंत्री संजय सिंह समेत कई दिग्गज नेता और समाजसेवी पीड़ित परिवार के आंसू पोंछने पहुंचे।नेताओं ने न केवल परिवार को ढांढस बंधाया, बल्कि आर्थिक सहायता प्रदान करते हुए यह साफ संदेश दिया कि न्याय की इस लड़ाई में पीड़ित परिवार अकेला नहीं है।
गांव के उस छोटे से आंगन में आज न्याय की मांग गूंजती रही। मौके पर मंत्री संजय सिंह के साथ उनकी पत्नी व समाजसेविका अलका सिंह, मांझी विधायक रणधीर सिंह, भाजपा नेता ओम प्रकाश सिंह, पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष मीणा अरुण, लोजपा नेता विनय सिंह, पुरुषोत्तम सिंह गुड्डा और रोबिन सिंह सहित दर्जनों नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
मंत्री संजय सिंह ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए मौके पर मौजूद डीआईजी नीलेश कुमार और ग्रामीण एसपी संजय कुमार को स्पष्ट निर्देश दिए कि जांच में रत्ती भर भी ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने एसडीएम स्निग्धा नेहा को निर्देशित किया कि ‘आपदा राशि’ अविलंब पीड़ित परिवार के हाथों में होनी चाहिए।मांझी विधायक रणधीर सिंह ने कहा कि ”दोषी चाहे कोई भी हो, उसे पाताल से भी ढूंढकर कड़ी से कड़ी सजा दिलाना ही हमारी प्राथमिकता है।मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री संजय सिंह, विधायक रणधीर सिंह और भाजपा नेता ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि हर हालत में पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए।






















