निरसा: निरसा हाईवा परिवहन स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड में लंबे समय से चल रहे कथित भ्रष्टाचार, दस्तावेजों की गड़बड़ी और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर समिति के सदस्य मनु सिंह ने गंभीर शिकायत दर्ज कराई है।
मनु सिंह ने सहायक निबंधक, सहकारी समितियों को एक विस्तृत पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि संबंधित समिति या तो भंग हो चुकी है या अवैध रूप से संचालित हो रही है। उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच सहकारी विभाग द्वारा की जा रही है, इसके बावजूद कुछ पदाधिकारी नियमों के विरुद्ध गतिविधियां चला रहे हैं।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि समिति के पास बाय-लॉज, पैन कार्ड, बैंक खाता विवरण, पासबुक, चेक बुक, ऑडिट रिपोर्ट, सदस्य रजिस्टर और मिनट्स बुक जैसे आवश्यक मूल दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। हालांकि अधिकारी मौखिक रूप से दस्तावेज होने की बात स्वीकार करते हैं, लेकिन उन्हें प्रस्तुत नहीं कर रहे हैं।
मनु सिंह ने आरोप लगाया कि MPL कोल लॉजिस्टिक के संरक्षण में हाईवा मालिकों को अलग-अलग संगठनों के नाम पर बांटकर आपसी विवाद कराया जा रहा है और उनका शोषण किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि रेलवे लाइन शुरू होने के बाद इस व्यवसाय की स्थिति बेहद खराब हो गई है, जिससे निरसा क्षेत्र की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है।
शिकायत में टैक्स चोरी, फंड के दुरुपयोग और गलत लेखा-जोखा जैसी गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की आशंका जताई गई है।
मनु सिंह ने संबंधित पदाधिकारियों और अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316 (आपराधिक विश्वासघात), 318 (धोखाधड़ी) और 61 (आपराधिक साजिश) के तहत तत्काल FIR दर्ज करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने धारा 33 और 35 के अंतर्गत विशेष जांच और ऑडिट कराने की भी मांग की है।
उन्होंने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, जैसे जुर्माना, पदाधिकारियों को हटाना और समिति को भंग करने की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने 7 से 10 दिनों के भीतर कार्रवाई की जानकारी देने को कहा है, अन्यथा उच्च अधिकारियों और न्यायालय का रुख करने की चेतावनी दी है।






















