बिहार:बिहार पुलिस महकमे में प्रशासनिक फेरबदल का सिलसिला लगातार जारी है। राज्य सरकार ने हाल ही में 61 डीएसपी और दो आईपीएस अधिकारियों के तबादले के बाद शनिवार देर रात एक और बड़ा आदेश जारी करते हुए 54 डीएसपी स्तर के अधिकारियों का स्थानांतरण किया है।
गृह विभाग की अधिसूचना के अनुसार, कई अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों, पुलिस उपाधीक्षकों और अपर पुलिस अधीक्षकों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इन तबादलों को कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और पुलिसिंग व्यवस्था की कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
इस फेरबदल के तहत साइबर क्राइम, अपराध अनुसंधान विभाग, आर्थिक अपराध इकाई और मद्य निषेध जैसे महत्वपूर्ण विभागों में अनुभवी अधिकारियों की नई तैनाती की गई है।
जारी आदेश के मुताबिक, मोहम्मद अली अंसारी को सहायक पुलिस महानिरीक्षक (यातायात) बनाया गया है। वहीं अशफाक अंसारी को पुलिस उपाधीक्षक, मध्य निषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो की जिम्मेदारी दी गई है। मनोज राम को अपराध अनुसंधान विभाग, बिहार पटना में अपर पुलिस अधीक्षक के रूप में तैनात किया गया है।
इसके अलावा वंदना को अपर पुलिस अधीक्षक, मध्य निषेध बनाया गया है, जबकि अजय प्रसाद को बिहार पुलिस अकादमी, राजगीर में पुलिस उपाधीक्षक के रूप में भेजा गया है। रिशु कृष्ण को अपराध अनुसंधान विभाग में नई जिम्मेदारी दी गई है।
साइबर अपराध नियंत्रण को मजबूत करने के लिए भी कई अहम नियुक्तियां की गई हैं। मंगलेश कुमार सिंह को पुलिस उपाधीक्षक, साइबर क्राइम (औरंगाबाद) और पूनम कुमारी को पुलिस उपाधीक्षक, साइबर क्राइम (सीतामढ़ी) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। महेश चौधरी को आर्थिक अपराध इकाई, पटना में पुलिस उपाधीक्षक के पद पर तैनात किया गया है।
रोहतास जिले में भी प्रशासनिक बदलाव किए गए हैं, जहां विप्लव कुमार को सासाराम का अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और राजू रंजन कुमार को डेहरी का एसडीपीओ बनाया गया है।
पुलिस मुख्यालय के अनुसार, इन लगातार हो रहे तबादलों को आगामी चुनौतियों, अपराध नियंत्रण और विशेष इकाइयों को मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
पिछले कुछ दिनों में हुए व्यापक स्तर के फेरबदल से यह स्पष्ट है कि राज्य सरकार पुलिस प्रशासन को अधिक प्रभावी और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने पर विशेष ध्यान दे रही है।





















