नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना (IAF) के 44 वर्षीय विंग कमांडर को कथित तौर पर पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि सोशल मीडिया के जरिए एक महिला ने अधिकारी से संपर्क किया और धीरे-धीरे उनका विश्वास जीतकर रक्षा व्यवस्था से जुड़ी संवेदनशील जानकारी हासिल करने की कोशिश की। मामले की जांच पूरी करने के बाद दिल्ली पुलिस ने 30 जुलाई को अदालत में चार्जशीट दाखिल की है।
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सोशल मीडिया के जरिए महिला से हुई दोस्ती
दिल्ली पुलिस के अनुसार, विंग कमांडर की इस साल की शुरुआत में सोशल मीडिया के माध्यम से एक महिला से पहचान हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच चैट और सुरक्षित मैसेजिंग ऐप के जरिए बातचीत होने लगी। जांच एजेंसियों का आरोप है कि महिला ने बातचीत के दौरान अधिकारी का विश्वास हासिल किया और बाद में उनसे रक्षा से जुड़े कथित गोपनीय दस्तावेज, तस्वीरें और वीडियो साझा करने के लिए कहा।
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी से कनेक्शन का शक
जांच में एजेंसियों को संदेह है कि महिला का संबंध पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी से हो सकता है। पुलिस को आशंका है कि वह भारत की रक्षा संबंधी संवेदनशील जानकारियां जुटाने वाले किसी बड़े जासूसी नेटवर्क का हिस्सा हो सकती है। हालांकि, महिला की वास्तविक पहचान और उसके कथित नेटवर्क से जुड़े होने की पुष्टि जांच और अदालत की कार्यवाही के बाद ही स्पष्ट होगी।
सहकर्मी के मोबाइल में ऐप इंस्टॉल कराने का आरोप
मामले की जांच के दौरान एक और गंभीर आरोप सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, महिला ने विंग कमांडर से उनके एक सहकर्मी के मोबाइल फोन में एक ऐप इंस्टॉल कराने के लिए कहा था। जांच अधिकारियों को संदेह है कि यह ऐप स्पाइवेयर या रिमोट एक्सेस मालवेयर हो सकता था। इसके जरिए मोबाइल में मौजूद डेटा तक पहुंच बनाने या डिवाइस की लोकेशन पर नजर रखने की कोशिश की जा सकती थी।
इलेक्ट्रॉनिक निगरानी से सामने आई संदिग्ध गतिविधियां
बताया गया है कि भारतीय वायुसेना की खुफिया शाखा को इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के दौरान विंग कमांडर की कुछ संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली। इसके बाद संबंधित सबूत दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को सौंपे गए। पुलिस की शिकायत के आधार पर 30 मई को अधिकारी को गिरफ्तार किया गया। जांच एजेंसियों ने इसके बाद उनकी कथित गतिविधियों और संपर्कों की पड़ताल की।
30 जुलाई को अदालत में दाखिल हुई चार्जशीट
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच पूरी होने के बाद 30 जुलाई को अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई। अधिकारी के खिलाफ ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल आरोपी विंग कमांडर न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल में बंद हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामला अदालत में विचाराधीन है और जांच से संबंधित कई जानकारियां सार्वजनिक नहीं की गई हैं।






















