रांची: झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन सोमवार को निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया। राज्य के 24 जिलों से पहुंचे बड़ी संख्या में अभ्यर्थी तिरंगा, पोस्टर और बैनर लेकर विधानसभा मार्च के लिए निकले। छात्रों को पुराने विधानसभा के पास बैरिकेडिंग लगाकर रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन प्रदर्शनकारी पहली बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ गए।
Highlights:
छात्रों ने तोड़ी बैरिकेडिंग, बढ़ी भीड़
विधानसभा की ओर बढ़ रहे छात्रों को रोकने के लिए प्रशासन की ओर से कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की गई थी। पुराने विधानसभा के पास पहली बैरिकेडिंग पर छात्रों और आंदोलन के प्रतिनिधिमंडल के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। JPSC-JSSC रिफॉर्म मार्च के प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने और संयम बनाए रखने की अपील की। प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों को विधानसभा की ओर आगे नहीं बढ़ने के लिए समझाने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ को नियंत्रित करना मुश्किल हो गया। इसके बाद छात्रों ने दूसरी और तीसरी बैरिकेडिंग भी पार कर ली और जगन्नाथपुर मंदिर की ओर बढ़ने लगे। प्रशासन की ओर से उन्हें रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन प्रदर्शनकारी आगे बढ़ते रहे।
तीन लेयर की मानव श्रृंखला बनाकर रोकने का प्रयास
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए JPSC-JSSC रिफॉर्म मार्च के प्रतिनिधिमंडल ने तीन लेयर की मानव श्रृंखला बनाई। प्रतिनिधिमंडल की ओर से छात्रों से अपील की गई कि यदि भीड़ में कोई असामाजिक तत्व मौजूद हो तो उसकी जानकारी दी जाए, ताकि उसे पुलिस के हवाले किया जा सके। छात्रों ने सड़क पर बैठकर ‘वंदे मातरम’, ‘भारत माता की जय’ और अन्य नारे लगाए। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि मार्च को जगन्नाथपुर मंदिर तक ले जाकर वहां धरना देने की योजना है।

JSSC CGL को लेकर फंसा गतिरोध
छात्रों के आंदोलन की प्रमुख वजह सरकार और प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों के बीच वार्ता का बेनतीजा रहना बताया जा रहा है। पिछले दिनों सरकार और छात्रों के बीच तीन दौर की बातचीत हुई थी। इनमें परीक्षा रद्द करने, कथित अनियमितताओं की जांच और परीक्षा व्यवस्था में सुधार सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई। हालांकि, JSSC CGL मामले में CBI जांच की मांग को लेकर सहमति नहीं बन सकी। छात्रों की मांग है कि मामले की जांच CBI से कराई जाए, जबकि सरकार की ओर से CBI जांच के अलावा अन्य विकल्पों पर चर्चा की गई है।
प्रमुख मांगों पर ठोस फैसले की मांग
छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर स्पष्ट और ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इसी गतिरोध के बाद 10 अगस्त को विधानसभा मार्च का निर्णय लिया गया। फिलहाल पुराने विधानसभा के आसपास बड़ी संख्या में छात्र मौजूद हैं और प्रदर्शनकारियों का रुख जगन्नाथपुर की ओर है। प्रशासन की ओर से भीड़ को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।






















