Dhanbad Cyber Crime: धनबाद पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कथित नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क में गरीब और भोले-भाले ग्रामीणों को पैसों का लालच देकर उनके नाम पर सिम कार्ड और बैंक खाते खुलवाए जाते थे। बाद में इनका इस्तेमाल कथित तौर पर साइबर अपराधियों तक पहुंचाने के लिए किया जाता था। मामले में पुलिस ने एक नाबालिग समेत कुल छह लोगों को हिरासत में लिया है। जांच के दौरान ग्रामीणों के नाम पर जारी 166 सिम कार्ड की जानकारी सामने आई है। इनमें से 57 सिम कार्ड भारत सरकार के NCRP पोर्टल पर साइबर अपराध से जुड़े मामलों में रजिस्टर्ड पाए गए हैं।
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गुप्त सूचना पर मोबाइल दुकान में पुलिस की कार्रवाई
वरीय पुलिस अधीक्षक को मिली गुप्त सूचना के आधार पर बरियापुर थाना क्षेत्र स्थित एक मोबाइल कॉर्नर दुकान पर पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस के मुताबिक, जांच में सामने आया कि दुकानदार की ओर से ग्रामीणों के नाम पर बड़ी संख्या में सिम कार्ड और बैंक खाते खुलवाए गए थे। पुलिस की जांच में चिरंजीत कुमार को कथित तौर पर इस नेटवर्क का मुख्य सरगना बताया जा रहा है। वहीं बरियापुर थाना क्षेत्र के रहने वाले मधुसूदन बाउरी और गोविंद बाउरी पर गरीब ग्रामीणों को पैसे का लालच देकर उनके नाम पर सिम कार्ड खरीदवाने और अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाने का आरोप है।
166 सिम कार्ड में 57 NCRP पर रजिस्टर्ड
पुलिस के अनुसार, ग्रामीणों के नाम पर कथित तौर पर कुल 166 सिम कार्ड लिए गए थे। जांच में इनमें से 57 सिम कार्ड ऐसे पाए गए, जो भारत सरकार के NCRP पोर्टल पर साइबर अपराध से जुड़े मामलों में रजिस्टर्ड हैं। पुलिस का कहना है कि इन सिम कार्ड को कथित तौर पर साइबर अपराधियों तक पहुंचाया जाता था। इसके बाद इनका इस्तेमाल देश के अलग-अलग हिस्सों में साइबर ठगी के लिए किए जाने की जानकारी सामने आई है।
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छह सिम से 60 लाख रुपये से अधिक की ठगी की शिकायत
पुलिस के मुताबिक, हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के दौरान साइबर ठगी से जुड़े कई मामलों की जानकारी सामने आई है। अलग-अलग थानों में दर्ज शिकायतों की जांच के दौरान अब तक छह सिम कार्ड से जुड़े मामलों में 60 लाख रुपये से अधिक की ठगी की शिकायत सामने आने की बात कही गई है। हालांकि, पुलिस अभी पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए सिम कार्ड, बैंक खातों और उनसे जुड़े लोगों की वास्तविक भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील
धनबाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ग्रामीणों के नाम पर लिए गए सिम कार्ड और बैंक खाते किन-किन साइबर अपराधियों तक पहुंचे और इनके जरिए कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी दूसरे व्यक्ति के लिए अपने नाम पर सिम कार्ड खरीदकर न दें। पुलिस के अनुसार, यदि आपके नाम से जारी सिम कार्ड का इस्तेमाल साइबर अपराध में होता है तो संबंधित व्यक्ति भी कानूनी कार्रवाई की चपेट में आ सकता है और उसे जेल तक जाना पड़ सकता है।























