BBMKU Computational Biology Workshop, धनबाद: बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (बीबीएमकेयू), धनबाद के प्राणीशास्त्र विभाग की ओर से बायोइनोवेल लाइफसाइंस के सहयोग से जैव-अणु संरचना, डायनेमिक्स एवं ड्रग डिस्कवरी के उन्नत कम्प्यूटेशनल दृष्टिकोण विषय पर एक सप्ताहीय हैंड्स-ऑन कार्यशाला की शुरुआत की गई। कार्यशाला में जीवन विज्ञान में सांख्यिकीय मॉडल, मशीन लर्निंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के अनुप्रयोगों पर भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और शोधार्थियों को आधुनिक कम्प्यूटेशनल तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान उपलब्ध कराना है।
Highlights:
कुलपति ने आधुनिक तकनीकों के महत्व पर दिया जोर
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बीबीएमकेयू के कुलपति प्रो. (डॉ.) राम कुमार सिंह रहे। उद्घाटन संबोधन में उन्होंने जीवन विज्ञान के क्षेत्र में कम्प्यूटेशनल बायोलॉजी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और अंतर्विषयक अनुसंधान के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों और शोधार्थियों से आधुनिक तकनीकों को अपनाने तथा वैश्विक वैज्ञानिक प्रगति के अनुरूप अपने कौशल को विकसित करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में प्रतिभागियों का स्वागत विज्ञान संकाय की अधिष्ठाता डॉ. नविता गुप्ता ने किया। उन्होंने जैविक विज्ञान और कम्प्यूटेशनल तकनीकों के बीच समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। उनके अनुसार, इससे शोध, नवाचार और उद्योग-शैक्षणिक सहयोग को नई दिशा मिल सकती है।
Molecular Dynamics और Drug Discovery की मिलेगी ट्रेनिंग
कार्यशाला के संसाधन विशेषज्ञ डॉ. देबाशीष साहू ने प्रशिक्षण के उद्देश्यों और मॉड्यूल की जानकारी दी। उन्होंने जैव-अणु मॉडलिंग, आणविक डायनेमिक्स, ड्रग डिस्कवरी और AI आधारित जीवन विज्ञान अनुसंधान में हो रहे नवीन विकासों का परिचय दिया। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को जैव-अणु सिमुलेशन, प्रोटीन संरचना विश्लेषण, मॉलिक्यूलर डॉकिंग, सांख्यिकीय मॉडलिंग, मशीन लर्निंग और जीवन विज्ञान में AI के अनुप्रयोगों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

विभिन्न विभागों के शोधार्थियों और 35 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम में बीबीएमकेयू के विभिन्न विभागों के शोधार्थियों के साथ एम.एससी. सेमेस्टर-II के 35 विद्यार्थियों ने भाग लिया। उद्घाटन समारोह में वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. कल्पना प्रसाद, भौतिकी विभागाध्यक्ष डॉ. उमा महेश्वरी, जीवन विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. सरिता मुर्मू, पर्यावरण एवं आपदा प्रबंधन विभागाध्यक्ष डॉ. रूपम मल्लिक, गणित विभागाध्यक्ष डॉ. शिव प्रसाद, रसायन विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. धर्मेन्द्र कुमार सिंह और सीसीडीसी डॉ. आर.के. तिवारी सहित कई शिक्षाविद् मौजूद रहे। पूर्व अधिष्ठाता डॉ. एस.के. सिन्हा ने भी पहल की सराहना की और युवा शोधकर्ताओं के लिए उन्नत कम्प्यूटेशनल तकनीकों में निरंतर क्षमता निर्माण को जरूरी बताया। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन किया गया। इसके साथ ही जीवन विज्ञान अनुसंधान में कम्प्यूटेशन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और नवाचार पर केंद्रित एक सप्ताह की शैक्षणिक एवं व्यावहारिक कार्यशाला की औपचारिक शुरुआत हुई।

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