रांची: झारखंड में छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने दावा किया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर #HitlerHemant हैशटैग नंबर-1 पर ट्रेंड कर रहा है। उन्होंने इसे छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई के खिलाफ लोगों की नाराजगी का प्रतीक बताया। भाजपा नेता ने झारखंड सरकार पर छात्रों के आंदोलन को दबाने का आरोप लगाया है। हालांकि, उनके द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
Highlights:
#HitlerHemant ट्रेंड करने का भाजपा ने किया दावा
अमर कुमार बाउरी ने कहा कि एक्स पर ट्रेंड कर रहा #HitlerHemant केवल एक हैशटैग नहीं है, बल्कि उनके अनुसार यह छात्रों के खिलाफ कथित कार्रवाई को लेकर लोगों के आक्रोश को दर्शाता है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। बाउरी ने आरोप लगाया कि छात्रों पर कार्रवाई के मुद्दे पर राजनीतिक स्तर पर विरोधाभासी रुख अपनाया गया।
छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर सरकार पर निशाना
भाजपा प्रदेश महामंत्री ने आरोप लगाया कि अपने अधिकारों की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज दबाने के प्रयास का भाजपा विरोध करती है। बाउरी ने कहा कि युवाओं के अधिकारों की लड़ाई को पुलिस कार्रवाई के जरिए खत्म नहीं किया जा सकता। उन्होंने दावा किया कि यह आंदोलन झारखंड के युवाओं के भविष्य और अधिकारों से जुड़ा हुआ है।
10 अगस्त की घटना का भी किया जिक्र
अमर कुमार बाउरी ने 10 अगस्त की घटनाओं का उल्लेख करते हुए दावा किया कि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और विधायकों को खेलगांव परिसर में करीब 11 घंटे तक रोके रखा गया। उनके मुताबिक, आदित्य साहू, बाबूलाल मरांडी समेत अन्य नेताओं को सुबह करीब 10:30 बजे से परिसर में रोका गया था। बाउरी ने कहा कि भाजपा नेताओं का विरोध छात्रों के समर्थन में आवाज उठाने को लेकर था। इन दावों पर संबंधित प्रशासन या सरकार की ओर से इस खबर के आधार के तौर पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।
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सड़क से सदन तक आंदोलन जारी रखने का दावा
बाउरी ने कहा कि भाजपा छात्रों की मांगों और उनके आंदोलन के समर्थन में अपनी आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने झारखंड सरकार पर दमनकारी रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह आंदोलन सड़क से सदन तक जारी रहेगा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या झारखंड में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति है। साथ ही कहा कि छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाब देना होगा। फिलहाल छात्र आंदोलन और उस पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर झारखंड में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। भाजपा के इन आरोपों पर सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।






















