शेखपुरा: भदेली (सदर ब्लॉक) के ग्रामीण, जो लंबे समय से जलजमाव की समस्या से परेशान हैं, ने गुरुवार को एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्य सड़क पर जमा घुटने-भर गंदे पानी में धान के पौधे लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों का कहना है कि बदबूदार सीवेज का पानी लगभग तीन साल से सड़क पर जमा है, जिससे आने-जाने वालों को भारी परेशानी हो रही है। बार-बार शिकायत करने के बावजूद, इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है।
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सड़क पर धान लगाने से शेखपुरा-निमी मार्ग पर ट्रैफिक जाम

जलजमाव से नाराज ग्रामीणों ने मुख्य सड़क पर ही धान लगाकर विरोध किया। इससे सुबह से दोपहर तक शेखपुरा-निमी मार्ग पर ट्रैफिक बाधित रहा और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सांसद, विधायक और स्थानीय प्रतिनिधियों से समाधान की मांग करने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। उन्होंने बताया कि समस्या तब भी बनी हुई है जब कुछ दिन पहले ही जिलाधिकारी इसी रास्ते से गुजरे थे।
निजी जमीन के कारण जल निकासी में बाधा

घटना की सूचना मिलने पर कुसुम्भा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की। स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) अमरेश कुमार ने बताया कि सड़क के दोनों ओर नाले तो हैं, लेकिन जिस जमीन से पानी की निकासी होती थी, वह निजी स्वामित्व वाली है। पुलिस के अनुसार, जल निकासी की समस्या इसलिए पैदा हुई क्योंकि जमीन मालिक ने पानी का बहाव रोक दिया, जिससे सड़क पर लगातार पानी जमा होने लगा।
नाला विस्तार और सड़क मरम्मत का आश्वासन
SHO ने ग्रामीणों को बताया कि नाले का विस्तार करने और पानी को एक बड़े नाले में मोड़ने की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही, उचित जल निकासी व्यवस्था बनाने और जर्जर सड़क की मरम्मत का भी आश्वासन दिया गया। प्रशासन के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जाम हटा दिया और यातायात बहाल हो गया।
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स्थायी समाधान न मिलने पर बड़े विरोध की चेतावनी
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यदि जलजमाव की समस्या का जल्द ही कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो वे और बड़ा विरोध प्रदर्शन करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर जमा गंदा पानी लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है और आवाजाही के लिए लगातार खतरा पैदा कर रहा है। ग्रामीणों रतन पासवान और प्रवीण कुमार यादव ने भी इस समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की।





















