Patna Bhim Army Protest: भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को बिहार की राजधानी पटना में अपनी कई मांगों को लेकर ‘अधिकार मार्च’ निकाला। यह मार्च गांधी मैदान के गेट नंबर 10 से शुरू हुआ। प्रदर्शनकारी राजभवन तक मार्च करना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने रास्ते में बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया। गांधी मैदान और राजभवन के बीच सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए कई लेयर वाली बैरिकेडिंग की थी।
Highlights:
बैरिकेड पर पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच झड़प
जैसे-जैसे मार्च आगे बढ़ा, प्रदर्शनकारी नारे लगाते हुए आगे बढ़े। पुलिस ने उन्हें जेपी गोलंबर के पास रोक दिया। इसके बाद, कुछ कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की। खबरों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने अपना विरोध दर्ज कराने के लिए बैरिकेड पर चढ़ने की कोशिश की। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच हाथापाई हो गई। इसके बाद पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
प्रदर्शनकारियों से ज़्यादा पुलिस बल
अधिकार मार्च को देखते हुए गांधी मैदान से राजभवन तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। खबरों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए 150 से ज़्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। इसके अलावा, तीन-स्तरीय बैरिकेडिंग की गई थी और सुरक्षा ड्यूटी में CRPF के जवान भी शामिल थे। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षाकर्मियों की संख्या प्रदर्शनकारियों की संख्या से ज़्यादा लग रही थी।
85% डोमिसाइल पॉलिसी की मांग
भीम आर्मी के अधिकार मार्च के दौरान एक मुख्य मांग बिहार में सरकारी भर्तियों के लिए 85% डोमिसाइल पॉलिसी (स्थानीय निवासी नीति) लागू करने की थी। प्रदर्शनकारियों का तर्क था कि राज्य सरकार की नौकरियों में बिहार के युवाओं को ज़्यादा मौके मिलने चाहिए। प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े अन्य मुद्दे भी उठाए गए, जिनमें आगामी BSSC परीक्षाएं और अनुसूचित जाति (SC) व अनुसूचित जनजाति (ST) से जुड़े मामलों में ऑनलाइन FIR दर्ज करने का प्रावधान शामिल था।
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राजभवन पहुंचने से पहले ही प्रदर्शनकारी रोके गए
प्रदर्शनकारी गांधी मैदान से राजभवन की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें जेपी गोलंबर के पास रोक दिया। बैरिकेड तोड़ने की कोशिश के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जिससे पुलिस और कुछ कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। इसके बाद कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस की कार्रवाई के बीच ‘अधिकार मार्च’ राजभवन तक नहीं पहुँच सका।






















