धनबाद: जोगता थाना क्षेत्र के सिजुआ 10 नंबर मोड़ में भू-धंसान की घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में एक ही परिवार के पांच लोग जमीन में धंस गए। घटना में एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोगों का इलाज चल रहा है।
Highlights:
हादसे के बाद आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों में दहशत फैल गई। संभावित खतरे को देखते हुए कई परिवारों ने अपने घर खाली कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाना शुरू कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घटनास्थल पर जुट गए।
बच्चे की मौत के बाद ग्रामीणों ने किया सड़क जाम
हादसे में बच्चे की मौत की खबर सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ गया। ग्रामीणों ने सिजुआ मोड़ के समीप कतरास-धनबाद मुख्य मार्ग को जाम कर दिया।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बीसीसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और भू-धंसान की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की।
सड़क जाम के कारण कतरास-धनबाद मुख्य मार्ग पर वाहनों का आवागमन प्रभावित रहा। घटना के बाद आसपास के क्षेत्रों से भी लोग मौके पर पहुंचते रहे।
दर्जनों परिवारों ने खाली किए घर
भू-धंसान की घटना के बाद आसपास रहने वाले परिवारों में भय का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, किसी बड़ी अनहोनी की आशंका को देखते हुए दर्जनों परिवार अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में जमीन के नीचे होने वाली गतिविधियों को लेकर पहले से चिंता बनी रहती है। ऐसे में लोगों को भविष्य में भी भू-धंसान का खतरा होने की आशंका सता रही है।
स्थानीय लोगों ने प्रभावित इलाके में तत्काल सुरक्षा व्यवस्था करने और संभावित खतरे वाले क्षेत्रों की जांच कराने की मांग की है।
बार-बार भू-धंसान की घटनाओं पर उठे सवाल
घटना के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों और स्थानीय नेताओं के घटनास्थल पर पहुंचने का सिलसिला भी जारी रहा। ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र में भू-धंसान की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, टड़ाबाड़ी, छाताबाद, काज बगान और लकड़का जैसे इलाकों में भी पूर्व में जमीन धंसने की घटनाएं हो चुकी हैं। इन घटनाओं के कारण कोयला क्षेत्र में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
ग्रामीणों ने की स्थायी समाधान की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि केवल किसी घटना के बाद राहत और अस्थायी सुरक्षा उपाय पर्याप्त नहीं हैं। प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा के लिए दीर्घकालिक और ठोस व्यवस्था की जरूरत है।
लोगों ने प्रशासन और संबंधित प्रबंधन से भू-धंसान प्रभावित इलाकों की जांच कराने, खतरे वाले क्षेत्रों को चिह्नित करने और वहां रहने वाले परिवारों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
फिलहाल हादसे के बाद पूरे इलाके में भय और चिंता का माहौल बना हुआ है। चार घायलों का इलाज जारी है, जबकि बच्चे की मौत के बाद परिवार और स्थानीय लोगों में शोक और आक्रोश दोनों देखने को मिल रहा है।






















