काठमांडू: नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के बाद छठे दिन भी सेना और पुलिस का खोज और बचाव अभियान जारी है। बाढ़ और उससे हुए भारी नुकसान के बीच, राहत और बचाव दल प्रभावित इलाकों में लगातार खोज अभियान चला रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 903 हो गई है। वहीं, 4247 से ज़्यादा लोगों के लापता होने की खबर है। राहत और बचाव कार्यों के दौरान अब तक 9,500 से ज़्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।
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मलबे से मिले शवों की पहचान करने में चुनौती
बाढ़ के बाद मलबे के भारी जमाव के कारण राहत और बचाव दलों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। मलबे से मिले शवों की पहचान करना मुश्किल हो रहा है। खबर है कि कई शवों की हालत बहुत खराब हो गई है। ऐसे मामलों में, DNA सैंपल लेने के बाद शवों को दफनाया जा रहा है। सेना और पुलिस की टीमें लापता लोगों की तलाश के लिए लगातार अभियान चला रही हैं।
चीन ने नेपाल को 22 लाख डॉलर की आर्थिक मदद दी
नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के बाद चीन ने मदद का हाथ बढ़ाया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, चीन ने बाढ़ पीड़ितों के लिए कुल 22 लाख अमेरिकी डॉलर की आर्थिक सहायता दी है। नेपाल सरकार के अनुसार, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री ली कियांग ने बाढ़ से हुए जान-माल के नुकसान पर शोक व्यक्त किया है। चीन द्वारा दी गई सहायता का उद्देश्य आपदा से प्रभावित लोगों की मदद करना है।
चीनी राजदूत ने सहायता का चेक सौंपा
रिपोर्टों से पता चलता है कि चीनी राजदूत झांग माओमिंग ने नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले को चीनी सरकार की ओर से 35 करोड़ नेपाली रुपये का चेक सौंपा। इसके अलावा, चीनी रेड क्रॉस ने नेपाल को 2 लाख अमेरिकी डॉलर की सहायता दी है। नेपाल के वित्त मंत्रालय के अनुसार, चीनी राजदूत ने आपदा के इस समय में नेपाल के साथ चीन के एकजुट होने की बात दोहराई। इससे पहले, बाढ़ के दौरान एक बैंक से भारी मात्रा में सोना और नकदी मिलने की खबरें भी आई थीं।
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राहत कोष में 5 अरब रुपये से ज़्यादा जमा हुए
नेपाल सरकार ने बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए ‘प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष’ बनाया है। रिपोर्टों के अनुसार, इस कोष में अब तक 5 अरब रुपये से ज़्यादा जमा हो चुके हैं। नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय और मंत्रिपरिषद के अनुसार, प्रभावित लोगों के लिए ‘आपदा राहत कोष’ और ‘प्रधानमंत्री कोष’ के ज़रिए आर्थिक मदद जुटाई जा रही है। इसके अलावा, देश और विदेश से मिली मदद की जानकारी ‘रेस्क्यू रिक्वेस्ट पोर्टल’ के ज़रिए सार्वजनिक की जा रही है। नेपाल में अभी राहत और बचाव कार्य चल रहे हैं। बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की खबर है, इसलिए आने वाले दिनों में तलाशी अभियान और तेज़ होने की उम्मीद है।






















