गया: गयाजी में इस वर्ष 25 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक पितृपक्ष मेला आयोजित किया जाएगा। लाखों श्रद्धालुओं के संभावित आगमन को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं।
Highlights:
मेले के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालुओं के गयाजी पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन ने पूरे मेला क्षेत्र को व्यवस्थित तरीके से बांटकर सुरक्षा व्यवस्था तैयार की है।
43 जोन और 314 सेक्टर में बांटा गया मेला क्षेत्र
पितृपक्ष मेले को 43 जोन और 314 सेक्टर में विभाजित किया गया है। प्रत्येक क्षेत्र में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।
श्रद्धालुओं की सहायता और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 87 पुलिस शिविर बनाए जाएंगे। इन शिविरों में हेल्प डेस्क की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी, ताकि जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं को तत्काल सहायता मिल सके।
विष्णुपद मंदिर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को विशेष महत्व दिया गया है। यहां एक अस्थायी थाना भी बनाया जाएगा।
335 CCTV और ड्रोन से होगी निगरानी
मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखने के लिए 335 CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। इसके अलावा ड्रोन, वॉच टावर और दूरबीन के माध्यम से भी मेला क्षेत्र की निगरानी की जाएगी।
प्रशासन का उद्देश्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों पर लगातार नजर बनाए रखना और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा बलों को तत्काल सक्रिय करना है।
श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए 674 स्थानों पर व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं के लिए डॉक्टरों और पैरामेडिकल टीमों की तैनाती की जाएगी।
यातायात के लिए 50 रिंग बस और 150 ई-रिक्शा
पितृपक्ष मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने से यातायात व्यवस्था पर दबाव बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन ने सार्वजनिक परिवहन की विशेष व्यवस्था की है।
श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए 50 रिंग बस और 150 ई-रिक्शा चलाए जाएंगे। इससे प्रमुख धार्मिक स्थलों और मेला क्षेत्र के बीच आवागमन आसान बनाने का प्रयास किया जाएगा।
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बच्चों की सुरक्षा के लिए QR कोड रिस्ट बैंड
भीड़ के दौरान बच्चों के बिछड़ने की समस्या को ध्यान में रखते हुए प्रशासन की ओर से QR कोड आधारित रिस्ट बैंड की व्यवस्था की गई है। इससे बच्चों की पहचान और उनके परिजनों तक पहुंचने में मदद मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा मेला क्षेत्र के प्रमुख स्थानों पर LED स्क्रीन भी लगाई जाएंगी। श्रद्धालुओं के मनोरंजन और आयोजन को आकर्षक बनाने के लिए लेजर शो की व्यवस्था भी की गई है।
जिला प्रशासन का लक्ष्य पितृपक्ष मेले को श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और सुगम बनाना है। सुरक्षा से लेकर यातायात, स्वास्थ्य, आवास और सूचना व्यवस्था तक विभिन्न स्तरों पर तैयारियां की जा रही हैं।






















