9 महीने से ईसीएल कार्यालय के बाहर जारी है आंदोलन
निरसा: मुगमा स्थित ईसीएल मुगमा एरिया महाप्रबंधक कार्यालय के मुख्य द्वार के पास यूनाइटेड कोल वर्क्स यूनियन के बैनर तले पनभरा कर्मियों का आंदोलन पिछले 9 महीनों से जारी है। आंदोलनकारी कर्मियों का कहना है कि लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर धरना और आमरण अनशन करने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। कर्मियों के अनुसार, वे लगातार ईसीएल प्रबंधन के कार्यालय के बाहर अपनी मांगों को लेकर बैठे हैं। उनका कहना है कि कई महीनों से आंदोलन चलने के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है।
Highlights:
धरना और आमरण अनशन के बावजूद समाधान नहीं

आंदोलनकारी कर्मियों का कहना है कि अपनी मांगों को लेकर उन्होंने धरना देने के साथ आमरण अनशन का भी सहारा लिया। इसके बावजूद उनकी मांगों पर निर्णायक पहल नहीं होने से नाराजगी बनी हुई है। कर्मियों का सवाल है कि जब आंदोलन इतने लंबे समय से चल रहा है, तो उनकी समस्याओं पर ईसीएल प्रबंधन की ओर से ठोस निर्णय क्यों नहीं लिया गया। वृद्ध और आर्थिक रूप से कमजोर कर्मियों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर लगातार प्रबंधन के दरवाजे पर बैठे हैं और समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।
ढुल्लू महतो के बयान को लेकर कर्मियों का सवाल

आंदोलनकारी कर्मियों के मुताबिक, आंदोलन के दौरान सांसद ढुल्लू महतो ने उनसे कहा था “खूंटा हम गाड़े हैं तो हम ही उखाड़ेंगे।” अब कर्मियों का कहना है कि इस बयान के बावजूद आंदोलन को 9 महीने पूरे हो चुके हैं। उनका सवाल है कि आखिर इतने लंबे समय बाद भी वह ‘खूंटा’ क्यों नहीं उखड़ा और उनकी मांगों का समाधान क्यों नहीं हुआ। यह बयान और उससे जुड़ा दावा आंदोलनकारी कर्मियों की ओर से सामने रखा गया है।
जीएम से सीएमडी तक आवाज पहुंचने का इंतजार
आंदोलनकारी कर्मियों का कहना है कि वे लंबे समय से ईसीएल के महाप्रबंधक कार्यालय के बाहर बैठे हैं। उनका सवाल है कि जब वे लगातार अपनी मांगें उठा रहे हैं, तो उनकी आवाज जीएम से लेकर सीएमडी तक क्यों नहीं पहुंच रही है। कर्मियों का कहना है कि उम्रदराज और आर्थिक रूप से कमजोर होने के बावजूद वे लगातार आंदोलन कर रहे हैं। ऐसे में वे चाहते हैं कि ईसीएल प्रबंधन उनकी समस्याओं पर बातचीत करे और मांगों के समाधान को लेकर स्पष्ट निर्णय ले।
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कब होगा आंदोलन का समाधान?
नौ महीने से जारी आंदोलन के बीच अब सबसे बड़ा सवाल इसके समाधान को लेकर है। क्या ईसीएल प्रबंधन आंदोलनकारी पनभरा कर्मियों के साथ वार्ता कर उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय लेगा? इसके साथ ही आंदोलनकारी कर्मी सांसद ढुल्लू महतो की ओर से बताए गए आश्वासन को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं। फिलहाल उनके सवालों का जवाब और आंदोलन के समाधान की दिशा में ठोस पहल का इंतजार है।






















